Ramcharan Gupta Thirteenth-day ritual:सोनीपत में शिवचरण राम रतन गुप्ता की तेरहवीं की रस्में गीता मंदिर में पूरी की गई। हवन यज्ञ के अलावा लोगों ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए और शामिल होने वालों को प्रसाद बाटा गया लेकिन, इस पूरे कार्यक्रम में एक बार फिर उनकी बेटियां नहीं आई।
इससे पहले उनकी अंतिम संस्कार के वक्त भी नहीं आई थी। जबकि अस्थि विसर्जन के दौरान Whatsapp पर बातचीत हुई थी। अब तेरहवीं के कार्यक्रम में तीनों बेटियां शामिल नहीं हुई।
तेरहवीं कार्यक्रम में नहीं पहुंचीं बेटियां
वहीं, वृद्धाश्रम चलाने वाले आनंद कुमार ने कहा कि शिवचरण गुप्ता की अंतिम क्रियाएं हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार पूरी की गई हैं। उनके अनुसार बेटियों से बातचीत हुई थी और उन्होंने पहले ही तेरहवीं के कार्यक्रम में शामिल होने से मना कर दिया था। शिवचरण गुप्ता के अंतिम संस्कार से लेकर अब तक तेरहवी तक बेटियों का नहीं आना चर्चा का विषय बन गया है। पहले दाह संस्कार के दौरान वीडियो कॉल के जरिए बातचीत हुई थी। दूसरी तरफ तेरहवीं के कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों और नेताओं ने शिवचरण गुप्ता को श्रद्धांजलि दी।
शिवचरण के भाई ने किया अंतिम संस्कार
शिवचरण की अस्थियों का विसर्जन उनके बड़े भाई महेंद्र गुप्ता ने किया था। महेंद्र को लगभग 10 साल से भाई के जिंदा होने की जानकारी नहीं थी और नेपाल में आए भूकंप के दौरान उन्होंने शिवचरण को मृत मान लिया था। सोशल मीडिया से उन्हे पता चला तो वह हरिद्वार पहुंचे थे। वहीं, जब बेटियों से दोबारा बातचीत हुई तो बड़ी बेटी ने कहा कि पिता से बहुत प्यार था लेकिन, कुछ मजबूरियां रहीं। तबीयत ठीक होती वह खुद हरिद्वार आती है। बेटियां ने अंतिम रस्मों की जिम्मेदारी वृद्धाश्रम प्रबंधन को सौंप दी थी। हालांकि, भाई ने समाजसेवियों के साथ मिलकर अंतिम संस्कार किया था।
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