पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से आएगा मौसम में बदलाव, चलेंगी तेज हवाएं
Haryana Weather Update (मेरा हरियाणा), चंडीगढ़ : समूचे उत्तर भारत की तरह हरियाणा भी वर्तमान में तेज गर्मी से जूझ रहा है। दिन और रात के तापमान में काफी ज्यादा अंतर दिखाई दे रहा है। दिन में जहां चिलचिलाती धूप में लोग तेज गर्मी महसूस कर रहे हैं तो वहीं रात में तापमान कम होने से थोड़ा सकून है। इस सभी के बीच प्रदेश का तापमान सामान्य से 6.3 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जा रहा है।
इसी बीच भारतीय मौसम विभाग की चंडीगढ़ शाखा ने जारी ताजा बुलेटिन में बताया है कि हरियाणा में 14 मार्च से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। जिसके असर से 14 से लेकर 17 मार्च तक हरियाणा में मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इससे प्रभाव से जहां प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई जा रही है वहीं इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है।
महेंद्रगढ़ रहा सबसे ज्यादा गर्म
प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान महेंद्रगढ़ में 37.1 डिग्री दर्ज किया गया, जोकि प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं बीती रात को दर्ज न्यूनतम तापमान की बात करें तो इसमें 24 घंटे में 0.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री सोनीपत के जगदीशपुर में दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है, लेकिन 14 मार्च को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद तापमान में 2 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से अस्थाई राहत मिलेगी।
इसलिए ज्यादा है इस बार गर्मी
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल गर्मी के जल्दी शुरू होने और तेजी से तापमान में वृद्धि के पीछे कई कारण हैं। इनमें सबसे पहला कारण वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का कम एक्टिव होना है। मौसम विभाग के अनुसार इस साल बहुत कम वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव हुए हैं। जानकारी के अनुसार नवंबर 2025 के बाद से भारत में कोई वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव नहीं हुआ। इससे ठंडक नहीं आ रही और तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
फसलों पर पड़ेगा प्रतिकूल असर
मौसम वैज्ञानिकों के साथ-साथ कृषि वैज्ञानिक भी लगातार बढ़ते तापमान से चिंतित हैं। बढ़ते तापमान का सीधा असर सरसों और गेहूं के उत्पादन पर पड़ेगा। हवा शुष्क होने और तापमान ज्यादा होने से इन दोनों के दाने सिंकुड सकते हैं और इससे उत्पादन में काफी ज्यादा कमी आ सकती है। जिसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ सकता है।













