चीफ सेक्रेटरी ने जारी किए आदेश, सस्पेंशन के कारणों का जिक्र नहीं
Haryana News, (मेरा हरियाणा), चंडीगढ़: हरियाणा में एक निजी बैंक में 590 करोड़ रुपये के घोटाले में नायब सिंह सैनी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। इस केस में हरियाणा सरकार ने सीबीआई को जांच सौंपी है और इस बीच आईएएस अफसर राम कुमार सिंह और आईएएस प्रदीप कुमार को सस्पेंड कर दिया है।
इन दोनों का बैंक फ्रॉड मामले में लिंक हो सकता है। चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी की तरफ से जारी किए गए आदेशों में सस्पेंशन की वजह का उल्लेख नहीं है। बताया जा रहा है कि यह फैसला पिछले दिनों सामने आए आईडीएफसी बैंक घोटालों से जुड़ा है।
इन अधिकारियों को किया गया सस्पेंड
सस्पेंड हुए अधिकारियों में 2011 कैडर के प्रदीप कुमार-I और 2012 कैडर के राम कुमार सिंह शामिल हैं। प्रदीप कुमार फिलहाल राज्य परिवहन विभाग के डायरेक्टर एवं विशेष सचिव पद पर थे, जबकि राम कुमार सिंह विशेष सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग एवं अतिरिक्त CEO, पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के पद पर कार्यरत थे। प्रदीप कुमार करीब ढाई महीने बाद 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं, जबकि राम कुमार सिंह की रिटायरमेंट डेढ़ साल बाद 30 नवंबर, 2027 में होनी है।
सब्सिस्टेंस अलाउंस दिया जाएगा
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों के अनुसार दोनों अधिकारियों को आॅल इंडिया सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1969 के तहत सस्पेंड किया गया है। सरकार के आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों का मुख्यालय चीफ सेक्रेटरी कार्यालय की सर्विसेज-I शाखा चंडीगढ़ रहेगा। उन्हें नियमों के अनुसार सब्सिस्टेंस अलाउंस दिया जाएगा।
आईडीएफसी बैंक फ्रॉड मामले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की
हरियाणा के 590 करोड़ के आईडीएफसी बैंक फ्रॉड मामले में सीबीआई ने नई दिल्ली में एफआईआर दर्ज कर ली है। सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा की ओर यह केस दर्ज किया गया है। सीबीआई के अधिकारिक सूत्रों की माने तो जल्द ही जांच करने के लिए एक टीम चंडीगढ़ और पंचकूला पहुंचेगी। एसीबी से दस्तावेज लेने के बाद जल्द ही कई स्थानों पर छापेमारी भी हो सकती है।
बता दें कि वर्तमान में इस मामले की जांच हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कर रही है। एसीबी ने 6 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए धारा 17ए के तहत हरियाणा सरकार से मंजूरी मांगी थी। इनमें 5 आईएएस अधिकारी भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि अब सीबीआई की ओर से एफआईआर दर्ज करने से यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर बड़ा मोड़ ले सकता है।
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