KMP Expressway: हरियाणा की आर्थिक और शहरी तस्वीर बदलने वाली एक महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम चल रहा है। राज्य सरकार ने कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के दोनों ओर पांच नए शहर विकसित करने की योजना को हरी झंडी दे दी है। ये शहर भविष्य के प्रमुख औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्रों के रूप में उभरेंगे और राज्य के विकास की नई गाथा लिखेंगे।
कौन संभालेगा जिम्मेदारी?
इन नए शहरों को बसाने और विकसित करने की जिम्मेदारी हरियाणा राज्य औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) को दी गई है। HSIIDC वर्ष 2041 की प्रस्तावित जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक योजना तैयार कर रहा है। इन शहरों के लिए भूमि, जोनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की रूपरेखा पर currently काम चल रहा है।
इसी कड़ी में, राज्य सरकार ने इन विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन भी पहले ही कर दिया है।
विकसित भारत-2047 के संकल्प को मिली मजबूती
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को धरातल पर उतारने में हरियाणा की भूमिका अहम रहेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल रोजगार सृजित करेगी, बल्कि राज्य को एक नई आर्थिक दिशा भी देगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा बजट में घोषित 10 नई इंडस्ट्रीयल मॉडल टाउनशिप (IMT) को हरियाणा के औद्योगिक भविष्य की रीढ़ बताया गया है। इनमें से 5 IMT को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, जबकि शेष पांच पर तेजी से काम चल रहा है।
सोहना के पास 1000 एकड़ में बनेगी ‘ग्लोबल सिटी’
इस बड़े शहरीकरण अभियान के तहत, हरियाणा सरकार सोहना के निकट 1,000 एकड़ में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की ‘ग्लोबल सिटी’विकसित कर रही है। इस शहर में दुनिया भर के सर्वश्रेष्ठ इंफ्रास्ट्रक्चर को शामिल किया जाएगा, जिसमें शामिल हैं:
आधुनिक सड़क नेटवर्क
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पेयजल और सीवरेज प्रणाली
उन्नत स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज
कुशल ऊर्जा प्रबंधन
हाई-टेक स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर
भू-स्वामियों से सीधा संवाद
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे भू-मालिकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और उन्हें ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से जमीन उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करें। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और परियोजनाओं को गति मिलेगी।
यह महत्वाकांक्षी योजना हरियाणा को देश के सबसे आधुनिक और व्यवस्थित राज्यों में शामिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।











