हरियाणा सरकार ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट किया है कि सरकार जल्द ही इलेक्ट्रिक बसों को बेड़े में शामिल करने जा रही है और इस संबंध में आवश्यक आदेश भी जारी किए जा चुके हैं।
अनिल विज ने कहा कि प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इसके साथ ही प्रदूषण एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है, जिसे देखते हुए ग्रीन एनर्जी आधारित वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी सोच के तहत हरियाणा में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना तैयार की गई है, जिससे न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा बल्कि यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने बताया कि अब लोगों का रुझान तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहा है, खासकर इलेक्ट्रिक कारों की मांग में इजाफा हुआ है। ऐसे में सरकार इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या भी बढ़ाने पर जोर दे रही है। इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं।
परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन केवल चार्जिंग प्वाइंट न होकर यात्रियों और उनके परिवारों के लिए सुविधाजनक ठहराव स्थल बनें। इन स्टेशनों पर रेस्टोरेंट, रेस्ट रूम और वॉशरूम जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वाहन चार्ज होने के दौरान लोग आराम से समय बिता सकें। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पानीपत में इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन का कार्य परिवहन विभाग द्वारा तेजी से किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि हरियाणा की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी अधिक आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बन सकेगी।











