हरियाणा के सिरसा जिले से बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। जिले के धोतड़ गांव में सक्रिय बिच्छू गैंग के आतंक से परेशान ग्रामीण बुधवार को मजबूरन सिरसा पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे। ग्रामीणों ने गैंग से जुड़े अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए एसपी को ज्ञापन सौंपा और पुलिस कार्रवाई न होने पर रोष भी जताया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कुछ युवक भी इस बिच्छू गैंग से जुड़े हुए हैं, जो आए दिन गांव में झगड़े, मारपीट, धमकी और अवैध वसूली जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ये युवक ठेकेदारों और आम लोगों को डराकर पैसे ऐंठते हैं, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार, शुरुआत में दो-तीन महीने पहले छोटी-मोटी घटनाएं होती थीं, लेकिन बीते 20-25 दिनों से गैंग की गतिविधियां बेहद हिंसक हो गई हैं। कुछ दिन पहले मेघवाल परिवार के घर में घुसकर हमला किया गया, जिसमें महिलाओं के साथ भी बदतमीजी की गई। इस मामले की शिकायत पुलिस को दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
20 तारीख की घटना का जिक्र करते हुए ग्रामीणों ने बताया कि किसान राजेराम सहारण जब अपने खेत की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में कुछ युवक खड़े मिले। उन्होंने बेवजह झगड़ा शुरू कर दिया। गांव के लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने राड़ और हथियारों से राजेराम पर हमला कर दिया। उनके सिर पर राड़ लगने से करीब 30 टांके आए हैं, जबड़ा टूट गया है और पैरों में भी गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल वह हिसार के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि हमले के बाद गाड़ी में सवार होकर आए चार से पांच युवकों ने मौके पर फायरिंग भी की, जिससे गांव में दहशत और बढ़ गई। ग्रामीणों ने बताया कि गैंग से जुड़े युवक कभी बाइक छीन लेते हैं तो कभी लोगों को जान से मारने की धमकी देते हैं। कुछ मामलों में फिरौती मांगने के आरोप भी लगाए गए हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि शाम छह बजे के बाद गांव का कोई व्यक्ति घर से बाहर निकलने में डरता है। यहां तक कि जिन किसानों की सिंचाई की बारी रात में आती है, वे भी भय के कारण खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। लगातार बढ़ते आतंक से परेशान होकर ग्रामीण एकजुट होकर सिरसा एसपी कार्यालय पहुंचे और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि बिच्छू गैंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और गांव में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, ताकि लोग बिना डर के अपना सामान्य जीवन जी सकें।












