हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश में अगले दो से तीन दिनों के भीतर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर लगभग पूरे हरियाणा में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस सिस्टम के प्रभाव से राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है, जबकि कुछ इलाकों में बूंदाबांदी की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से चंडीगढ़ के साथ-साथ अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और कैथल जैसे जिलों में बारिश की संभावना अधिक रहेगी। इसके अलावा आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी बादल छाए रहने और हल्की वर्षा होने के आसार हैं। विभाग के अनुसार यह मौसम प्रणाली करीब पांच दिनों तक सक्रिय रह सकती है, जिससे प्रदेश में ठंड का असर एक बार फिर बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आने वाले पांच दिनों के दौरान प्रदेश में हवाओं की गति तेज रहेगी। अगले 48 घंटों में तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन इसके बाद अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। तेज हवाओं के साथ बादल छाए रहने से ठंड का अहसास बढ़ सकता है।
IMD के अनुसार 27 और 28 जनवरी को भी प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। लगातार बादल छाए रहने और बारिश की संभावना के चलते धुंध में भी कमी आने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने बताया कि हिसार में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से अधिक रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट संभव है।
मौसम विभाग ने किसानों के लिए भी विशेष सलाह जारी की है। विभाग का कहना है कि बारिश की संभावना को देखते हुए किसान अगले दो से तीन दिनों तक फसलों में सिंचाई से बचें। बारिश होने की स्थिति में खड़ी फसलों को नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की भी सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, हरियाणा में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है, जिससे जहां लोगों को ठंड का असर महसूस होगा, वहीं किसानों और आम जनजीवन पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।











