हरियाणा में सस्ता राशन उपभोक्ताओं तक और आसान तरीके से पहुंचाने की दिशा में सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेशभर में 6 हजार नए राशन डिपो खोलने का खाका तैयार कर लिया गया है। हरियाणा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने इस संबंध में पूरा प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यालय में स्वीकृति के लिए भेज दिया है। जैसे ही मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलती है, प्रदेशभर में नए राशन डिपो आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की यह योजना राज्य में लगातार बढ़ रही आबादी और राशन कार्डधारकों की संख्या को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। सरकार का उद्देश्य यह है कि लोगों को उनके घर के नजदीक ही उचित मूल्य पर राशन आसानी से उपलब्ध हो सके, ताकि दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों और शहरी क्षेत्रों में भी वितरण व्यवस्था मजबूत हो। विभाग के मंत्री राजेश नागर ने बताया कि मुख्यमंत्री से हरी झंडी मिलते ही नए राशन डिपो अलॉट किए जाएंगे और इससे हजारों लोगों को स्वरोजगार का अवसर भी मिलेगा।
इस योजना की सबसे अहम विशेषता यह है कि नए राशन डिपो के आवंटन में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इसका मतलब है कि प्रस्तावित 6 हजार डिपो में से करीब 2 हजार डिपो महिलाओं के नाम आवंटित किए जाएंगे। सरकार की मंशा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की है, इसलिए इस प्रक्रिया में विधवाओं को प्राथमिकता देने का भी प्रावधान रखा गया है। इससे न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलेगा, बल्कि समाज में उनकी भूमिका भी और मजबूत होगी।
सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था को और संतुलित करने के लिए यह भी तय किया है कि अब हर 500 राशन कार्ड पर एक नया राशन डिपो खोला जाएगा। इससे एक ही डिपो पर अधिक बोझ नहीं पड़ेगा और उपभोक्ताओं को लंबी लाइनों या दूर जाने की परेशानी से राहत मिलेगी। वर्तमान स्थिति की बात करें तो हरियाणा में इस समय 9247 राशन डिपो संचालित हैं, जिनके जरिए करीब 40 लाख परिवारों को सस्ती दरों पर राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा केंद्र सरकार की गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रदेश में लगभग 32 लाख परिवार नियमित रूप से राशन का लाभ ले रहे हैं।
राशन डिपो आवंटन की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने के लिए सरकार ने इसे ऑनलाइन करने का फैसला लिया है। इच्छुक उम्मीदवार अंत्योदय सरल पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे, जिससे किसी भी तरह की सिफारिश या गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। आवेदन के लिए शर्तें भी स्पष्ट कर दी गई हैं। हरियाणा का निवासी होना अनिवार्य है और उम्मीदवार की उम्र 21 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके साथ ही न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास रखी गई है और कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान होना भी जरूरी होगा।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से एक तरफ जहां राशन वितरण व्यवस्था और मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद इस योजना को जल्द जमीन पर उतारने की तैयारी है, जिससे आम लोगों को सीधा लाभ मिल सके।












