हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) द्वारा जारी सहायक प्रोफेसर (कॉलेज कैडर) की अंतिम चयन सूची में सिरसा जिले के रानियां की बेटी सिमरन रानी ने इतिहास विषय में 18वां रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है, जबकि परिवार और शुभचिंतकों ने इसे बेटियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया है।
हरियाणा लोक सेवा आयोग ने 16 फरवरी को उच्च शिक्षा विभाग में सहायक प्रोफेसर पदों के लिए अंतिम चयन सूची जारी की थी, जिसमें सिमरन रानी का चयन इतिहास विषय में हुआ। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां भी मेहनत और लगन के दम पर उच्च पद हासिल कर सकती हैं।
सिमरन रानी रानियां तहसील कॉम्पलेक्स में टाइपिस्ट के पद पर कार्यरत जोनी लाल गलगट की पुत्री हैं। साधारण परिवार से आने वाली सिमरन ने अपनी मेहनत और निरंतर प्रयास से यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों ने बधाई देना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिमरन की उपलब्धि से पूरे रानियां क्षेत्र का मान बढ़ा है।
अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए सिमरन रानी ने इसका श्रेय अपने माता-पिता, छोटे भाई-बहनों और गुरुजनों को दिया। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने कभी बेटा-बेटी में भेदभाव नहीं किया और हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। परिवार के सहयोग और विश्वास ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।
सिमरन रानी की शैक्षणिक यात्रा भी प्रेरणादायक रही है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रानियां के सरकारी विद्यालय से प्राप्त की। नौवीं कक्षा में उनका चयन जवाहर नवोदय विद्यालय, ओढ़ा में हुआ, जहां से उन्होंने बारहवीं कक्षा नॉन-मेडिकल संकाय से उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने स्नातक करने के बाद इतिहास विषय में रुचि के चलते संकाय बदलकर इतिहास में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और इसी दौरान वह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी भी करती रहीं।
सिमरन ने कहा कि आज के दौर में बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं हैं। यदि उन्हें समान अवसर और शिक्षा मिले, तो वे हर लक्ष्य हासिल कर सकती हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करें और उनके सपनों को पूरा करने में सहयोग करें।
सिमरन रानी की इस सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे सिरसा जिले के युवाओं को प्रेरित किया है। यह उपलब्धि उन छात्राओं के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायक है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हुए बड़े सपने देखती हैं और उन्हें पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही हैं। HPSC में चयन के बाद अब सिमरन रानी हरियाणा के सरकारी कॉलेज में इतिहास विषय की सहायक प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं देंगी।











