हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट सत्र के चोथे दिन बताया कि 24 फरवरी को हुई बैठक में गुरुग्राम से फरीदाबाद और नोएडा के बीच प्रस्तावित रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर के अंतिम एलाइनमेंट को स्वीकृति दे दी गई है। इस परियोजना का 52 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में होगा, जो एनसीआर में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देगा।
यह कॉरिडोर गुरुग्राम के इफको चौक से शुरू होकर फरीदाबाद होते हुए नोएडा तक जाएगा। प्रस्तावित रूट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह गुरुग्राम की मेट्रो लाइन से भी इंटरकनेक्ट हो सके, जिससे यात्रियों को मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिलेगी।
सरकार के अनुसार फरीदाबाद में लगभग 16 किलोमीटर का इंटीग्रेटेड सेक्शन जोड़ा जाएगा, जिससे औद्योगिक और रिहायशी क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) जल्द तैयार की जाएगी, जिसके बाद निर्माण प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉरिडोर के शुरू होने से गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही, ट्रैफिक दबाव कम होगा और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। एनसीआर में तेजी से बढ़ती आबादी और यातायात जरूरतों को देखते हुए यह परियोजना क्षेत्रीय विकास के लिहाज से अहम मानी जा रही है।











