Agriculture News: गुजरात के राज्यपाल से मिले अरावली किसान क्लब के प्रधान यशपाल खोला, जानिए प्राकृतिक खेती है क्या है फायदे

On: March 22, 2026 10:42 AM
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Agriculture News: धारूहेड़ा: रेवाड़ी के अरावली किसान क्लब के प्रधान व प्रगतिशील किसान यशपाल खोला ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मुलाकात की। इस दौरान प्राकृतिक खेती के विस्तार, इसके लाभ और किसानों की भागीदारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को हरियाणा में चल रहे प्राकृतिक खेती के प्रयासों और जमीन स्तर पर हो रहे बदलावों की जानकारी दी।Agriculture News

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर: बैठक के दौरान राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि हरियाणा में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में अरावली किसान क्लब का योगदान सराहनीय रहा है। उन्होंने कहा कि मार्केटिंग, प्रमाणिकरण और अन्य आवश्यक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में क्लब ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। किसानों की मेहनत और संगठित प्रयासों के चलते हरियाणा प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में देश के लिए एक मॉडल बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।Agriculture News

yespal khola
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एग्रो फार्म के कार्यों की सराहना की: उन्होंने गुरुकुल कुरुक्षेत्र और धारूहेड़ा स्थित नैचुरल एग्रो फार्म के कार्यों की भी सराहना की और इसे किसानों के लिए प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर यशपाल खोला ने बताया कि राज्यपाल ने किसानों से अपील की है कि वे प्राकृतिक खेती के लिए सरकार द्वारा दिए जा रहे बजट और योजनाओं पर नजर रखें, ताकि उसका सही और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यदि किसान संगठित होकर काम करें तो प्राकृतिक खेती को बड़े स्तर पर अपनाया जा सकता है और इसके बेहतर परिणाम भी सामने आएंगे।

प्राकृतिक खेती से लागत में आएगी कमी ‘ क्लब के सदस्यों ने बताया कि प्राकृतिक खेती से लागत में कमी, मिट्टी की उर्वरता में सुधार और स्वास्थ्य के लिहाज से सुरक्षित उत्पाद मिलते हैं। इस दिशा में जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक किसान इस पद्धति को अपनाकर अपनी आय और पर्यावरण दोनों को बेहतर बना सकें।

प्राकृतिक खेती के फायदे: प्राकृतिक खेती आज के समय में किसानों के लिए एक टिकाऊ और लाभकारी विकल्प बनती जा रही है। इसमें रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे खेती पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल हो जाती है। इसके कई बड़े फायदे हैं जो सीधे किसान, उपभोक्ता और प्रकृति को लाभ पहुंचाते हैं।

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कीटनाशक और दवाइयों से छुटकारा: बता दे कि सबसे बड़ा फायदा यह है कि प्राकृतिक खेती से खेती की लागत काफी कम हो जाती है। किसान को महंगे रासायनिक खाद, कीटनाशक और दवाइयों पर खर्च नहीं करना पड़ता, क्योंकि इसमें गोबर, गोमूत्र और जैविक घोल जैसे स्थानीय संसाधनों का उपयोग किया जाता है। इससे किसानों की आमदनी में सुधार होता है और कर्ज का दबाव भी कम होता है।

प्राकृतिक खेती से मिट्टी में बढते है जैविक तत्व : खोला ने बताया कि सबसे ज्यादा फायदा यह है कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की सेहत में सुधार है। रासायनिक खेती से जहां मिट्टी की उर्वरता धीरे-धीरे कम होती जाती है, वहीं प्राकृतिक खेती से मिट्टी में जैविक तत्व बढ़ते हैं और उसकी संरचना मजबूत होती है। इससे लंबे समय तक अच्छी पैदावार मिलती रहती है। जबकि रासायनिक खेती से हर साल क्षमता कम होती जाती है। एक समय ऐसा आएगी पूरी जमीन ही बंजर हो जाएगा।

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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