Haryana News: हरियाणा में नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा सरकार की मंत्रिमंडल बैठक में राज्य के अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और अति कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी करने का अहम निर्णय लिया गया। इस फैसले के तहत अकुशल मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी 11,257 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 15,220 रुपये मासिक कर दी गई है, जिससे इस वर्ग के श्रमिकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
अर्धकुशल मजदूरों की मजदूरी 12,430 रुपये से बढ़ाकर 16,780.74 रुपये प्रति माह कर दी गई है। वहीं कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 13,704 रुपये से बढ़ाकर 18,500.81 रुपये मासिक कर दी गई है। अति कुशल श्रमिकों के लिए भी सरकार ने राहत देते हुए उनकी न्यूनतम मजदूरी 14,389 रुपये से बढ़ाकर 19,425.85 रुपये प्रतिमाह निर्धारित की है। यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि विशेषज्ञ समिति (एक्सपर्ट कमेटी) ने मजदूरी बढ़ाने की सिफारिश की थी, जिसे राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। सरकार का उद्देश्य श्रमिकों की आय में सुधार करना और उनकी जीवन-स्तर को बेहतर बनाना है।
हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज के अनुसार, इस फैसले के तहत न्यूनतम मजदूरी में करीब 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है, जो 2026-27 से प्रभावी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि नई श्रम संहिताओं के लागू होने के बाद हरियाणा ऐसा कदम उठाने वाला अग्रणी राज्य बन गया है।
सरकार ने यह बढ़ोतरी Code on Wages, 2019, Industrial Relations Code, 2020, Social Security Code, 2020 और Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020 जैसी नई श्रम संहिताओं के लागू होने के बाद की है। इन संहिताओं के जरिए देश के 29 पुराने श्रम कानूनों को सरल और एकीकृत किया गया है, जिससे श्रमिकों को अधिक पारदर्शी और बेहतर वेतन संरचना मिल सकेगी।













