Toll Plaza: टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों से जल्द ही राहत मिलने वाली है। केंद्र सरकार अब ऐसी व्यवस्था लागू करने जा रही है, जिसमें वाहनों को टोल देने के लिए रुकना ही नहीं पड़ेगा।
बिना बैरियर टोल सिस्टम
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने फास्टैग के जरिए पहले ही टोल प्रक्रिया को तेज किया है। अब अगला कदम ‘मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग’ (MLFF) सिस्टम लागू करना है, जिसमें टोल प्लाजा पूरी तरह हटाए जाएंगे।
मई से गुजरात में होगी शुरुआत
इस नई व्यवस्था की शुरुआत मई महीने में चौर्यासी (सूरत, गुजरात) से की जाएगी। यहां टोल प्लाजा पहले ही हटाया जा चुका है और नई तकनीक लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम?
नई व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा की जगह हाईवे पर ‘गेंट्री’ लगाए जाएंगे, जिन पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे और RFID रीडर होंगे। ये सिस्टम चलते वाहनों के नंबर और फास्टैग को स्कैन कर अपने आप बिना गाड़ी रोके टोल शुल्क काट लेंगे।
कतार और इंतजार से पूरी तरह छुटकारा
इस तकनीक से न तो वाहनों को रुकना पड़ेगा और न ही किसी तरह की कतार लगेगी। इससे समय की बचत होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या भी कम होगी।
फास्टैग में दिक्कत हुई तो लगेगा ई-चालान
अगर किसी वाहन के फास्टैग में बैलेंस नहीं होगा या तकनीकी समस्या होगी, तो उस वाहन पर ई-चालान जारी किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोगुना टोल शुल्क वसूला जा सकता है।
हरियाणा में भी जल्द लागू होगी नई व्यवस्था
गुजरात के बाद हरियाणा में घरौंदा टोल प्लाजा पर इस सिस्टम को लागू किया जाएगा।
तीन साल में पूरे देश में लागू करने का लक्ष्य
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का लक्ष्य है कि अगले तीन वर्षों में देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस आधुनिक टोलिंग प्रणाली को लागू कर दिया जाए।
डिजिटल और तेज होगी टोल प्रक्रिया
सरकार के इस कदम से टोल प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और तेज हो जाएगी, जिससे यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा और ईंधन की भी बचत होगी।
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