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भारत के एविएशन सेक्टर ने मई 2026 में नया इतिहास रचा है. मई महीने 1.53 करोड़ डोमेस्टिक पैसेंजर्स ने एयर ट्रैवल किया, जो अब तक का सबसे बड़ा मंथली रिकॉर्ड है. पैसेंजर ग्रोथ के मामले में अमृतसर एयरपोर्ट देश में पहले नंबर पर रहा. अमृतसर एयरपोर्ट के साथ रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत आने वाले कई एयरपोर्ट्स ने टॉप-10 की लिस्ट में अपनी जगह बनाई है. रिलिजियस टूरिज्म, समर वेकेशन, बेहतर एयर कनेक्टिविटी और लगातार बढ़ते एयर ट्रैफिक की वजह से इन एयरपोर्ट्स पर पैसेंजर ट्रैफिक में रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की गई है. आइए जाने कौन-कौन से एयरपोर्ट रहे टॉप-10 की लिस्ट में…

मई 2026 में ग्रोथ के आधार पर भारत के टॉप-10 एयरपोर्ट

पंजाब का अमृतसर एयरपोर्ट मई 2026 में पैसेंजर ग्रोथ के मामले में देश में पहले स्थान पर रहा. गर्मियों की छुट्टियों में धार्मिक पर्यटन और विदेश से आए अपनों की वजह से यहां यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई. मई 2026 में यहां 1,75,594 यात्रियों ने सफर किया, जबकि मई 2025 में यह संख्या 98,279 थी. एयरपोर्ट ने 78.70% की शानदार ग्रोथ दर्ज की है.

जम्मू एयरपोर्ट ने भी मई 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पैसेंजर ग्रोथ के मामले में देश में दूसरा स्थान हासिल किया. वैष्णो देवी यात्रा और पर्यटन सीजन का असर यात्रियों की संख्या में साफ दिखाई दिया. मई 2026 में इस एयरपोर्ट से 1,20,739 यात्रियों ने सफर किया, जबकि मई 2025 में यह आंकड़ा 68,654 था. इस तरह एयरपोर्ट ने करीब 74.50% की बढ़ोतरी दर्ज की है.
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लेह एयरपोर्ट को टूरिस्ट सीजन का सबसे बड़ा फायदा मिला है. मई में बड़ी संख्या में पर्यटक लेह पहुंचे, जिसका असर एयरपोर्ट की पैसेंजर संख्या पर भी दिखा. मई 2026 में यहां 1,38,862 यात्रियों ने सफर किया, जबकि मई 2025 में यह संख्या 79,572 थी. इस तरह लेह एयरपोर्ट ने करीब 74.50% की पैसेंजर ग्रोथ दर्ज की है.

गुजरात का राजकोट एयरपोर्ट पैसेंजर ग्रोथ के मामले में देश में चौथे स्थान पर रहा. शहर की कारोबारी गतिविधियों और एयर कनेक्टिविटी में सुधार का असर यात्रियों की संख्या पर दिखाई दिया है. मई 2026 में इस एयरपोर्ट से 1,20,881 यात्रियों ने सफर किया, जबकि मई 2025 में यह आंकड़ा 70,709 था. यानी एयरपोर्ट ने करीब 71% की ग्रोथ दर्ज की है.

असम का रूपसी एयरपोर्ट यात्रियों की कुल संख्या के लिहाज से छोटा जरूर है, लेकिन प्रतिशत ग्रोथ के मामले में इसने देशभर में पांचवां स्थान हासिल किया. रीजनल एयर कनेक्टिविटी के विस्तार का असर यहां देखने को मिला. मई 2026 में 754 यात्रियों ने सफर किया, जबकि मई 2025 में यह संख्या 450 थी. इस तरह एयरपोर्ट ने 67.60% की ग्रोथ दर्ज की है.

चंडीगढ़ एयरपोर्ट ने भी मई 2026 में यात्रियों की संख्या में बड़ी छलांग लगाई है. पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के यात्रियों के लिए यह एकलौता एयरपोर्ट है. मई 2026 में यहां 4,05,759 यात्रियों ने यात्रा की, जबकि मई 2025 में यह संख्या 2,70,498 थी. यानी एयरपोर्ट ने करीब 50% की पैसेंजर ग्रोथ दर्ज की है.

असम का जोरहाट एयरपोर्ट पैसेंजर ग्रोथ के मामले में राज्य के बेहतर प्रदर्शन करने वाले एयरपोर्ट्स में शामिल रहा है. यहां उड़ान स्कीम का असर यात्रियों की संख्या में देखने को मिला है. मई 2026 में यहां 14,947 यात्रियों ने सफर किया, जबकि मई 2025 में यह आंकड़ा 10,169 था. इस तरह एयरपोर्ट ने करीब 47% की ग्रोथ हासिल की है.

गर्मियों की छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटकों ने दीव का रुख किया, जिसका सीधा असर एयरपोर्ट की पैसेंजर संख्या पर दिखाई दिया. टूरिस्ट एक्टिविटी बढ़ने से यहां यात्रियों की आवाजाही में अच्छी बढ़ोतरी हुई है. मई 2026 में दीव एयरपोर्ट से 15,163 यात्रियों ने सफर किया, जबकि मई 2025 में यह संख्या 10,459 थी. यानी एयरपोर्ट ने करीब 45% की ग्रोथ दर्ज की है.

गुजरात का भुज एयरपोर्ट यात्रियों की कुल संख्या में भले बड़े एयरपोर्ट्स से कम रहा, लेकिन प्रतिशत ग्रोथ के मामले में इसने टॉप-10 में जगह बनाई. पर्यटन और कारोबारी यात्राओं में बढ़ोतरी का असर यहां देखने को मिला. मई 2026 में इस एयरपोर्ट से 27,013 यात्रियों ने सफर किया, जबकि मई 2025 में यह संख्या 18,861 थी. यहां पैसेंजर ग्रोथ 43.20% रही.

छत्तीसगढ़ का अंबिकापुर एयरपोर्ट छोटे शहरों में बढ़ती हवाई कनेक्टिविटी की मिसाल बनकर उभरा है. भले ही यात्रियों की संख्या अभी सैकड़ों में है, लेकिन ग्रोथ की रफ्तार राहत देने वाली रही है. मई 2026 में यहां 703 यात्रियों ने सफर किया, जबकि मई 2025 में यह आंकड़ा 505 था. इस तरह एयरपोर्ट ने करीब 39.20% की पैसेंजर ग्रोथ दर्ज कर टॉप-10 में जगह बनाई है.











