अंबाला में क्यों बढ़ रहे किडनी स्टोन के इतने मरीज? 99% लोग करते हैं ये गलतियां

On: July 28, 2026 6:54 PM
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Ambala News : हरियाणा के अंबाला में किडनी स्टोन (पथरी) के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. नागरिक अस्पताल की ओपीडी में हर महीने 150 से अधिक मरीज इसका इलाज कराने पहुंच रहे हैं. लोकल 18 से अंबाला की होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता बताती हैं कि पहले यह बीमारी सीमित लोगों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब युवाओं से लेकर मध्यम आयु वर्ग तक बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं. डॉ. रजिता बताती हैं कि किडनी स्टोन से बचाव के लिए सबसे पहले खान-पान पर ध्यान देना जरूरी है. जिन लोगों को पहले पथरी हो चुकी है, उनमें इसकी आशंका ज्यादा रहती है.

अंबाला. बदलती जीवनशैली, फास्ट फूड का बढ़ता चलन, कम पानी पीने की आदत और अनियमित खान-पान अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगा है. इसका सबसे बड़ा असर किडनी पर देखने को मिल रहा है. अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल में किडनी स्टोन (पथरी) के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अस्पताल की होम्योपैथिक ओपीडी में हर महीने करीब 150 से अधिक मरीज इस समस्या का इलाज कराने पहुंच रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि यदि समय रहते खान-पान और जीवनशैली में बदलाव नहीं किया गया तो आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है. लोकल 18 से अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता बताती हैं कि रोजाना ओपीडी में 30 से 40 मरीज इलाज के लिए आते हैं, जिनमें औसतन 5 से 7 मरीज किडनी स्टोन की शिकायत लेकर पहुंचते हैं.

सबसे पहले करें ये काम

डॉ. रजिता के मुताबिक, पहले यह बीमारी सीमित लोगों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब युवाओं से लेकर मध्यम आयु वर्ग तक बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह असंतुलित खान-पान, पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना और कई क्षेत्रों में दूषित पानी का सेवन भी माना जा सकता है. डॉ. रजिता ने बताया कि किडनी स्टोन से बचाव के लिए सबसे पहले खान-पान पर ध्यान देना जरूरी है. जिन लोगों को पहले पथरी हो चुकी है या जिनमें इसकी आशंका रहती है, उन्हें पालक, बैंगन, अमरूद और टमाटर जैसी कुछ चीजों का सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है. दिनभर पर्याप्त मात्रा में सादा पानी पीना, नींबू पानी और लस्सी जैसे तरल पदार्थों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए. शरीर में पानी की कमी होने पर खनिज पदार्थ जमा होकर धीरे-धीरे पथरी का रूप ले सकते हैं.

पत्थरचट्टा का उपयोग करना क्या सही

डॉ. रजिता के मुताबिक, कई लोग पथरी की समस्या होने पर सोडा पीने को ही समाधान मान लेते हैं, जबकि पर्याप्त मात्रा में सादा पानी और नींबू पानी का नियमित सेवन भी शरीर के लिए लाभकारी हो सकता है. जहां तक संभव हो, पानी को उबालकर पीने की आदत डालें. डॉ. रजिता बताती हैं कि होम्योपैथिक पद्धति में मरीज की स्थिति, जांच रिपोर्ट और पथरी के आकार को ध्यान में रखते हुए दवाओं का चयन किया जाता है. बर्बेरिस वल्गैरिस सहित कुछ होम्योपैथिक दवाओं का उपयोग किया जाता है, लेकिन इनका सेवन केवल डॉक्टरों की सलाह पर ही करना चाहिए. कुछ मरीज पत्थरचट्टा जैसे पारंपरिक उपायों का भी उपयोग करते हैं, हालांकि किसी भी घरेलू या वैकल्पिक उपचार को अपनाने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है.

5 रुपये का कार्ड आएगा काम

डॉ. रजिता कहती हैं कि जिन लोगों को एक बार किडनी स्टोन हो चुका होता है, उनमें दोबारा पथरी बनने की संभावना अधिक रहती है. ऐसे मरीजों को विशेष रूप से पानी और अन्य तरल पदार्थों का पर्याप्त सेवन करना चाहिए. समय-समय पर चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए. कमर या पेट में तेज दर्द, पेशाब में जलन, खून आना या बार-बार संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई दें तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय पर जांच और उचित उपचार से बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है. संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और नियमित स्वास्थ्य जांच ही किडनी स्टोन से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है. नागरिक अस्पताल में भी 5 रुपये का कार्ड बनवाकर इलाज निःशुल्क रूप से करवाया जा सकता है.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…

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वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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