Haryana News: कॉमनवेल्थ गेम्स में जैवलिन थ्रो में शानदार प्रदर्शन कर ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले हरियाणा के होनहार एथलीट यशवीर सिंह की सफलता से पूरे परिवार और गांव में जश्न का माहौल है। यशवीर के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। परिवार का कहना है कि अब उनका अगला लक्ष्य ओलंपिक में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।
यशवीर के चाचा और पूर्व जिला पार्षद प्रवीण देवसरिया ने बताया कि परिवार में यशवीर को प्यार से “छोटू” कहकर बुलाया जाता है। उन्होंने कहा कि यशवीर के पिता रेलवे में एथलेटिक्स कोच हैं और उनकी कड़ी मेहनत, परिवार के सहयोग तथा गांव के आशीर्वाद की बदौलत आज यशवीर इस मुकाम तक पहुंचा है।
प्रवीण देवसरिया चाचा ने कहा कि परिवार की कई पीढ़ियां खेलों से जुड़ी रही हैं। दादा और परदादा भी खिलाड़ी रहे, इसलिए बचपन से ही यशवीर को खेलों का माहौल मिला। उन्होंने कहा कि यशवीर बेहद संस्कारी, मेहनती और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित खिलाड़ी है। परिवार को पूरा विश्वास है कि वह आने वाले समय में ओलंपिक में देश का नाम रोशन करेगा। यशवीर की चाची पूनम ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज पूरे परिवार, गांव और देश का नाम रोशन हुआ है। उन्होंने कहा कि जब यशवीर घर लौटेगा तो उसके स्वागत की भव्य तैयारियां की जाएंगी और इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न पूरे गांव के साथ मनाया जाएगा।
यशवीर के अंकल फतेह सिंह ने बताया कि उनका पूरा परिवार खेलों से जुड़ा रहा है। दादाजी हर्डल्स के खिलाड़ी रहे, चाचा 110 मीटर हर्डल्स में इंडियन रिकॉर्ड होल्डर रहे और पिता जेवलिन थ्रो में राष्ट्रीय स्तर के रिकॉर्डधारी रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब यशवीर इस विरासत को आगे बढ़ा रहा है। परिवार की इच्छा है कि वह विश्व स्तर पर और बड़ी उपलब्धियां हासिल करे तथा ओलंपिक में भारत के लिए मेडल जीते। उन्होंने कहा कि यशवीर के भिवानी पहुंचने पर गांव के लोगों के साथ भव्य स्वागत किया जाएगा।
यशवीर की दादी रत्नावली की खुशी भी देखते ही बन रही है। उन्होंने हरियाणवी अंदाज में कहा कि पोते ने परिवार का नाम ऊंचा कर दिया है। उन्होंने बताया कि पहले दादा और फिर पिता खेलों से जुड़े रहे, अब पोता भी उसी राह पर चलकर देश का गौरव बढ़ा रहा है। दादी ने कहा कि घर आने पर वह अपने पोते को घी और गुड़ का चूरमा खिलाकर उसकी जीत का जश्न मनाएंगी।











