12 घंटे में 3000 शिकायतें, गुरुग्राम के 40 फीसदी इलाके में ब्लैकआउट, फरीदाबाद में बत्ती गुल, तीन दिन की हड़ताल का दिखने लगा असर

On: October 22, 2026 3:46 PM
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Haryana Electricity Employee Strike: गुरुग्राम और फरीदाबाद में निजी कंपनी को लाइसेंस देने के विरोध में बिजली कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर चले गए हैं. हड़ताल से कई इलाकों में बिजली गुल होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

12 घंटे में 3000 कम्प्लेंट, गुरुग्राम के 40% इलाके ब्लैकआउट, फरीदाबाद भी बेहालZoom

गुरुग्राम में नारेबाजी करते बिजली कर्मचारी.

गुरुग्राम. हरियाणा के नूंह और गुरुग्राम में बिजली सप्लाई को लेकर निजी कंपनी को लाइसेंस देने के विरोध में बिजली कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर चले गए हैं. ऐसे में अब कई इलाकों में हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है. गुरुग्राम और फरीदाबाद में कई इलाकों में बत्ती गुल हो गई है.

गुरुग्राम में बीती रात 10 बजे से ही गुरुग्राम के अलग-अलग हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप होनी शुरू हो गई. हड़ताल शुरू होते ही महज 12 घंटे में ही बिजली निगम में 3 हजार से ज्यादा शिकायतें बिजली आपूर्ति बाधित होने की पहुंच गई हैं. बिजली निगम के कर्मचारियों की मानें तो देर रात से ही विभाग में शिकायतें आनी शुरू हो गई थी. रात को जहां 945 शिकायतें बिजली निगम में प्राप्त हुई तो वहीं, सुबह अचानक महज दो घंटे में 2245 शिकायतें प्राप्त हो गई. यही नहीं ऑनलाइन व कॉल सेंटर के नंबरों के माध्यम से लगातार शिकायतें आने का दौर जारी है.

बिजली निगम यूनियन के पदाधिकारियों की मानें तो सरकार की वादा खिलाफी के कारण ही कर्मचारियों को सड़कों पर उतरने को विवश होना पड़ा है. दो दिन पहले तक सरकार को चेतावनी दी गई थी, लेकिन सरकार के नुमाइंदों ने कर्मचारियों की मांगों को दरकिनार कर दिया. ऐसे में कर्मचारियों ने सांकेतिक रूप से दिन दिन की हड़ताल शुरू कर दी. बुधवार रात 10 बजे से बिजली निगम के कर्मचारी हड़ताल पर आ गए. रात से ही लाइनों में आने वाले सभी फाल्ट रिपेयर नहीं किए जा रहे हैं. यही कारण है कि गुरुग्राम के 40 प्रतिशत हिस्से में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है. लोगों को पीने के लिए पानी तक नहीं मिल पा रहा है. रसोई में महिलाओं को टॉर्च की रोशनी में खाना बनाना पड़ रहा है.


उधर, बिजली मंत्री अनिल विज का कहना है कि हड़ताल का कोई ज्यादा असर नहीं हुआ है और सरकार ने बंदोबस्त किया है.

हमने सारा इंतजाम किया है और यह जो हड़ताल की जा रही है, वो बेवजह है क्योंकि हरियाणा बिजली विनियामक आयोग ने आदेश दिया है कि निजी कंपनी को बिजली दी जाए. हालांकि विनियामक के सामने हमने बड़ा वकील खड़ा करके और विभाग ने पूरी ताकत से कंपनी का विरोध किया है, मगर यह स्वायत्त संस्था है, हमने बिजली निजीकरण के लिए कोई आवेदन नहीं मांगा था, लेकिन यह केंद्रीय एक्ट है, जिसमें यह प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति, कोई भी कंपनी आवेदन लगा सकती है कि हमें बिजली दी जाए-  अनिल विज, बिजली मंत्री

फरीदाबाद में कई गांवों और सेक्टरों में बिजली गुल

फरीदाबाद में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक देखने को मिला. हड़ताल के चलते कई गांवों में बिजली व्यवस्था ठप रही, वहीं शहर के कई सेक्टरों में भी ब्लैकआउट जैसी स्थिति दिखाई दी. बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. हड़ताल के दौरान जिले के ज्यादातर बिजली कार्यालयों के बाहर ताले लटके दिखाई दिए.


वहीं, हड़ताल को सफल बनाने के लिए कर्मचारियों ने विभिन्न बिजली दफ्तरों पर प्रदर्शन किया. इस दौरान कर्मचारियों ने अधिकारियों के साथ मिलकर विरोध जताया और प्रतियां जलाकर अपना रोष प्रकट किया. एचएसईबी वर्कर यूनियन फरीदबाद सर्कल के सचिव लेखराज ने बताया कि तीन दिन तक हड़ताल का ऐलान किया गया है और सरकार अगर मांगें नहीं मानेगी तो अनिश्चितकाल के लिए भी हड़ताल पर जा सकते हैंय

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वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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