हरियाणा में आधुनिक तकनीकी का दौर तेजी से बढ़ रहा है, और राज्य सरकार की मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को सबसे पहले पंचायती राज विभाग ने लागू कर दिया है। इस नीति के तहत ग्राम सचिवों, पटवारियों सहित अन्य कर्मचारियों के ट्रांसफर की प्रक्रिया डिजिटल रूप से संचालित होगी, जो पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देगी। विभाग ने ट्रांसफर शेड्यूल जारी कर दिया है, जिसके अनुसार 18 नवंबर से कर्मचारियों के डेटा की जांच शुरू हो जाएगी।
ट्रांसफर ड्राइव में शामिल होना अनिवार्य: कौन-कौन प्रभावित?
पंचायती राज विभाग ने स्पष्ट किया है कि ट्रांसफर ड्राइव में ग्राम सचिव, पटवारी, क्लर्क, असिस्टेंट, सोशल एजुकेशन एंड पंचायत अधिकारी तथा स्टेनो टाइपिस्ट जैसे पदों के कर्मचारी शामिल होंगे। विभाग में आखिरी ट्रांसफर 2020 में हुए थे, और अब तीन साल पूरे होने पर कर्मचारियों को स्वेच्छा से भाग लेना होगा। यदि कोई कर्मचारी ऑनलाइन अभियान में भाग नहीं लेता, तो उसे राज्य के किसी भी हिस्से में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
यह नीति कर्मचारियों को अपनी प्राथमिकताओं के आधार पर स्थान चुनने का अवसर देगी, लेकिन अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इससे न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
विस्तृत ट्रांसफर शेड्यूल: चरणबद्ध प्रक्रिया
ट्रांसफर प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से डिजाइन किया गया है, जो पूरी तरह ऑनलाइन होगी। 18 नवंबर से 2 दिसंबर तक अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों के डेटा की जांच की जाएगी, उसके बाद 27 दिसंबर को नोडल अधिकारी अंतिम स्कोर प्रकाशित करेंगे। 28 दिसंबर से 3 जनवरी तक कर्मचारी स्वैच्छिक भागीदारी के लिए सहमति दे सकेंगे, जबकि 19 से 25 जनवरी तक अपनी स्टेशन प्राथमिकताएं दर्ज कर सकेंगे।
5 फरवरी को ट्रांसफर आदेश जारी होंगे, और 6 फरवरी से 2 मार्च तक कोई भी आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी। ट्रांसफर के बाद 15 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण और मुक्ति प्रक्रिया पूरी होनी होगी, तथा 3 से 17 मार्च तक शिकायतों का निपटारा किया जाएगा। यह शेड्यूल राज्य के ग्रामीण प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
ट्रांसफर शेड्यूल की तालिका
| चरण | अवधि | विवरण |
|---|---|---|
| डेटा जांच | 18 नवंबर – 2 दिसंबर 2025 | अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों के डेटा की समीक्षा |
| अंतिम स्कोर प्रकाशन | 27 दिसंबर 2025 | नोडल अधिकारी द्वारा सभी कर्मचारियों का स्कोर जारी |
| स्वैच्छिक सहमति | 28 दिसंबर 2025 – 3 जनवरी 2026 | कर्मचारी ऑनलाइन अभियान में भाग लेने की सहमति दें |
| प्राथमिकता दर्ज | 19 – 25 जनवरी 2026 | कर्मचारी ट्रांसफर के लिए स्टेशन प्राथमिकताएं बताएं |
| ट्रांसफर आदेश जारी | 5 फरवरी 2026 | अंतिम स्थानांतरण आदेश जारी |
| आपत्ति दर्ज | 6 फरवरी – 2 मार्च 2026 | कोई भी आपत्ति ऑनलाइन दर्ज कराई जा सकेगी |
| कार्यभार हस्तांतरण | ट्रांसफर के 15 दिनों के भीतर | कार्यमुक्ति और नया कार्यभार ग्रहण |
| शिकायत निपटारा | 3 – 17 मार्च 2026 | सभी शिकायतों का समाधान |
नई पॉलिसी के फायदे और चुनौतियां
मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी से कर्मचारियों को पारदर्शी तरीके से स्थान मिलेगा, जो भ्रष्टाचार को कम करेगी और ग्रामीण विकास को गति देगी। हालांकि, दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या कुछ कर्मचारियों के लिए चुनौती पैदा कर सकती है। विभाग ने सभी को प्रशिक्षण और सहायता सुनिश्चित करने का वादा किया है, ताकि प्रक्रिया सुगम हो।
हरियाणा सरकार का यह कदम राज्य के प्रशासनिक सुधारों की दिशा में सकारात्मक है, जो अन्य विभागों के लिए भी मिसाल बनेगा। इससे न केवल कर्मचारी संतुष्टि बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण स्तर पर सेवाओं की पहुंच भी बेहतर होगी।











