हरियाणा सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में व्याप्त अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के 36,250 लाभार्थियों की पेंशन रोक दी है। यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ की गई है जो निर्धारित आय सीमा से अधिक कमाने के बावजूद या एक से अधिक योजनाओं का लाभ ले रहे थे। इन लोगों को सितंबर और अक्टूबर महीने की पेंशन नहीं मिली है और अब उनसे ब्याज सहित वसूली की प्रक्रिया शुरू होगी।
डिजिटल सत्यापन से हुआ खुलासा
इस मामले की जानकारी देते हुए जींद के जिला समाज कल्याण अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि समाज कल्याण विभाग लगातार परिवार पहचान पत्र (PPP) के डेटा के आधार पर पेंशन लाभार्थियों के दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन कर रहा है। इस सत्यापन में खुलासा हुआ कि प्रदेश में 36 हजार से अधिक लोगों की आय पेंशन की पात्रता सीमा से अधिक पाई गई, फिर भी ये लोग वृद्धावस्था, विधवा, विकलांगता जैसी विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहे थे।
अब ब्याज सहित होगी राशि की वसूली
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का सिलसिला यहीं नहीं रुकेगा। जिन लाभार्थियों ने गलत आय का ब्यौरा देकर या अन्यथा अयोग्य होते हुए भी पेंशन की राशि प्राप्त की है, उनसे यह राशि वसूल की जाएगी। इसके लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जाएगी:
स्पष्टीकरण मांगा जाएगा: सबसे पहले इन लाभार्थियों से उनकी आय संबंधी दस्तावेज मांगे जाएंगे।
वसूली का नोटिस: यदि कोई लाभार्थी अपनी पात्रता साबित करने में विफल रहता है, तो उसे 12% वार्षिक ब्याज के साथ प्राप्त की गई पूर्ण पेंशन राशि वापस लौटाने का नोटिस जारी किया जाएगा।
जिलेवार कार्रवाई: ऐसे सभी अयोग्य लाभार्थियों की सूची तैयार करके संबंधित जिलों को भेज दी गई है। अकेले जींद जिले में ही 3,858 ऐसे मामले सामने आए हैं।
पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास
यह कदम सरकार की उस कोशिश का हिस्सा है, जिसमें यह सुनिश्चित किया जा सके कि सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं का लाभ सही और जरूरतमंद लोगों तक ही पहुंचे। डिजिटल सत्यापन की इस प्रक्रिया से धोखाधड़ी करने वाले तत्वों पर अंकुश लगाने और सरकारी कोष की बचत करने में मदद मिलेगी।
आशंका जताई जा रही है कि जल्द ही इन अयोग्य लाभार्थियों को रिकवरी नोटिस जारी कर दिए जाएंगे।










