हरियाणा में एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है, जहाँ ठगों के एक गिरोह ने सैकड़ों महिलाओं को ‘आसान आय’ के झांसे में करोड़ों रुपये की ठगी की है। मामला दर्ज हुए छह दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी – जटवाड़ निवासी पूजा, उसके पति विक्रम और देवर योगेश – पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पीड़ितों में अब केवल अंबाला ही नहीं, बल्कि कुरुक्षेत्र, कैथल और पंचकुला जिलों की महिलाएं भी शामिल हैं।
ऐसे काम करता था ठगों का जाल
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि आरोपियों ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत उन्हें फंसाया:
भरोसा जीतना: सबसे पहले उन्होंने महिलाओं को हर महीने 2,000 रुपये की नियमित आय का लालच दिया। शुरुआत में कुछ महिलाओं को यह रकम देकर उनका भरोसा हासिल किया गया।
बड़े झांसे में फंसाना: भरोसा कायम होने के बाद, आरोपियों ने एक 10,000 रुपये की ‘आईडी स्कीम’ शुरू की। उन्होंने वादा किया कि तीन महीने में 21,000 रुपये का रिटर्न मिलेगा और छह महीने बाद मूल रकम 10,000 रुपये भी वापस मिल जाएंगे। इस लालच में सैकड़ों महिलाओं ने पैसे जमा करा दिए।
दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल: स्कीम में शामिल होने के बाद, आरोपियों ने महिलाओं के दस्तावेज ले लिए और उनके नाम पर 50,000 रुपये से लेकर 1.50 लाख रुपये तक के बैंक लोन निकलवा लिए।
1500 से अधिक पीड़ित, अब फोन भी नहीं उठाते आरोपी
जब महिलाओं ने पैसे वापसी या जानकारी के लिए फोन करना शुरू किया, तो आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद ही पीड़ितों की आंखें खुलीं।
पिछले सप्ताह बुधवार को लगभग 250 महिलाएं एक साथ एसपी कार्यालय पहुंची और धरना देकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद से ही मामला तेजी से अलग-अलग जिलों में फैला है और अब तक 1,500 से अधिक महिलाओं के ठगे जाने का खुलासा हुआ है।
पुलिस ने की आर्थिक अपराध शाखा से जांच
मामला पंजोखरा थाना क्षेत्र में दर्ज है। गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंप दी है। पुलिस का कहना है कि वह जांच में जुटी हुई है और जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह मामला एक बार फिर उन नकली निवेश योजनाओं के प्रति लोगों, खासकर महिलाओं को सतर्क करता है, जो अविश्वसनीय रिटर्न का झूठा वादा करती हैं।










