पानीपत में आज एक बड़ा सड़क हादसा एक ड्राइवर की सूझबूझ और साहस से टल गया। हरियाणा रोडवेज की एक बस, जो रोहतक से चंडीगढ़ जा रही थी, का पानीपत टोल प्लाजा के पास स्टेरिंग फेल हो गया। ऐसे में ड्राइवर सुरेंद्र ने अत्यधिक संयम और फुर्ती दिखाते हुए बस को नियंत्रित कर 36 यात्रियों की जान बचाई।
कैसे टला हादसा?
बस के ड्राइवर सुरेंद्र ने बताया कि वह सुबह करीब 5:30 बजे रोहतक से चंडीगढ़ के लिए बस लेकर रवाना हुए। पानीपत बस स्टैंड से यात्रियों को लेने के बाद, जब वह टोल प्लाजा से करीब 1 किलोमीटर पहले थे, तभी उन्हें महसूस हुआ कि बस का स्टेरिंग सिस्टम फेलहो गया है और बस का नियंत्रण खो रहा है।
इस आपात स्थिति में ड्राइवर सुरेंद्र ने घबराए बिना तत्काल निर्णय लिया। यात्रियों को किया अलर्ट: सबसे पहले उन्होंने बस में सवार सभी यात्रियों को आगाह किया कि वह अचानक ब्रेक लगाने वाले हैं और उन्हें संभलकर बैठ जाना चाहिए।
बस को किया नियंत्रित: उन्होंने बस के ब्रेक लगाए और बस को जानबूझकर हाईवे के डिवाइडर की तरफ मोड़ दिया। डिवाइडर से टकराकर रोकी बस: बस डिवाइडर से टकराते हुए आगे बढ़ी और सर्विस रोड पर जाकर रुक गई। इस प्रक्रिया में बस ने रेलिंग को तोड़ दिया, लेकिन इस स्मार्ट तरीके से बस को रोकने से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
सभी यात्री सुरक्षित, दूसरी बस से कराई गई आगे की यात्रा
इस पूरी घटना के दौरान बस में सवार सभी 36 यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे। घटना के बाद सभी यात्रियों को एक अन्य बस में बैठाकर उनकी मंजिल की ओर सुरक्षित रवाना कर दिया गया।
ड्राइवर सुरेंद्र की इस साहसिक और समझदारी भरी कार्रवाई की हर तरफ सराहना हो रही है। उनकी सूझबूझ ने न केवल दर्जनों लोगों की जान बचाई, बल्कि एक बड़े हादसे को भी टाल दिया। यह घटना सड़क सुरक्षा में ड्राइवर के अनुभव और शांत दिमाग के महत्व को रेखांकित करती है।












