हरियाणा के रेवाड़ी में स्वतंत्रता सेनानी की 5 एकड़ जमीन की कथित धोखाधड़ी से बिक्री का मामला सामने आने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया है। शनिवार को आयोजित जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने इस मामले में एक सेवानिवृत्त तहसीलदार को चार्जशीट करने और खरीददार व विक्रेता दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला रेवाड़ी के गांव बास रत्न्थल का है। गांव रायपुरा के एक निवासी श्रीराम ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गाटा संख्या 387 और 388 में स्थित एक स्वतंत्रता सेनानी की 5 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। शिकायत में राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी और दस्तावेजों में मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए गए थे।
समिति ने क्या कार्रवाई का आदेश दिया?
मंत्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस मामले की गहन समीक्षा की गई। समिति ने इसे एक गंभीर अनियमितता मानते हुए तत्काल प्रभाव से कड़े कदम उठाने का फैसला किया:
सेवानिवृत्त तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई: मामले में शामिल आरोपों के आधार पर सेवानिवृत्त तहसीलदार जितेंद्र को चार्जशीटकरने के आदेश दिए गए।
एफआईआर दर्ज करने के निर्देश: जिस व्यक्ति ने जमीन की अवैध बिक्री की और जिसने उसे खरीदा, दोनों के खिलाफ एफआईआरदर्ज करने का आदेश जारी किया गया।
जांच रिपोर्ट का आधार: इससे पहले, मामले की जांच के लिए एसडीएम को निर्देशित किया गया था। एसडीएम की जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर ही यह सख्त कार्रवाई की गई।
“लापरवाही बर्दाश्त नहीं” – मंत्री विपुल गोयल
बैठक के दौरान मंत्री विपुल गोयल ने एक सख्त संदेश देते हुए कहा कि जन शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि समिति का मुख्य उद्देश्य जनता की शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी और निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित करना है और प्रत्येक शिकायत का समाधान तय समय सीमा में होना चाहिए।
इस बैठक में कुल 17 मामलों (10 नए और 7 पुराने) पर सुनवाई की गई और सभी संबंधित विभागों को लंबित शिकायतों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।









