हरियाणा के भिवानी जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण की शिक्षिका मनीषा की रहस्यमय मौत का मामला 112 दिन बीत जाने के बाद भी अनसुलझा है। मामले की CBI जांच को 89 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। न्याय की प्रतीक्षा से थककर मनीषा के परिवार और ग्रामीणों ने शुक्रवार को गांव में धरना शुरू कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
11 अगस्त: मनीषा प्ले स्कूल में ड्यूटी पर गई और फिर नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए निकल गई। इसके बाद वह लापता हो गई।
13 अगस्त: मनीषा का शव गांव सिंघानी के खेतों में मिला। परिवार ने हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया।
18 अगस्त: पुलिस ने प्रारंभिक जांच में मामले को आत्महत्या बताया, जिसके बाद परिवार और स्थानीय लोगों का विरोध तेज हो गया।
3 सितंबर: बढ़ते सार्वजनिक दबाव के बाद मामले की जांच CBI को सौंपी गई। CBI की टीम ने जांच शुरू की और अब तक 4 बारभिवानी का दौरा कर चुकी है।
“अधिकारी टाल रहे हैं” – मनीषा के पिता की आवाज
मनीषा के पिता संजय ने धरने के दौरान मीडिया से बात करते हुए अपनी निराशा जाहिर की। उन्होंने बताया, “हमने CBI टीम को बुलाया था और पूछा कि जांच कहां तक पहुंची? अधिकारी यही कहकर गए कि जल्द खुलासा होगा। शुक्रवार को भी उन्होंने जारी जांच की बात कही। बार-बार पूछने पर अधिकारी टाल रहे हैं।”
परिवार की मुख्य मांगें हैं:
CBI जांच को तेज गति दी जाए।
जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए।
जनता को स्पष्ट रूप से बताया जाए कि जांच कहां तक पहुंची है।
गांव में शुरू हुआ एक दिवसीय सांकेतिक धरना
न्याय की मांग को लेकर गांव ढाणी लक्ष्मण की बीसी चौपाल के बाहर एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया जा रहा है। इस धरने में मनीषा का परिवार, ग्रामीण और स्थानीय नेता शामिल हैं। परिवार ने 11 नवंबर को भी एक पंचायत बुलाकर लोगों से समर्थन की अपील की थी।
इस मामले ने एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया की गति और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। एक पिता की न्याय के लिए लड़ाई जारी है, और पूरा गांव उनके साथ खड़ा है, लेकिन CBI की जांच का इंतजार अब भी जारी है।









