हरियाणा में सर्दी ने अब अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। गुरुवार रात हिसार का न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में इस सीजन का सबसे कम तापमान है। वहीं, नारनौल 6.5 डिग्री और सिरसा 6.8 डिग्री के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
दिन का तापमान भी लगातार गिर रहा है और हिसार में अधिकतम तापमान 24.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 1.9 डिग्री कम है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म, मैदानों में ठंड शुरू
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ अब आगे बढ़ चुका है। इसके चलते:
हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी
राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों में हल्की बारिश
दर्ज की गई है। जैसे ही यह सिस्टम आगे बढ़ा, उत्तरी शुष्क और ठंडी हवाओं ने मैदानी इलाकों में दस्तक दे दी, जिससे हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर में ठंड तेजी से बढ़ गई।
जल्द पड़ेगा पाला और शीतलहर
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में प्रदेश में सीजन की पहली शीतलहर चलने की संभावना है।
इसके साथ ही कई जिलों में तेज पाला (Frost) गिर सकता है।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
पाला फसलों को नुकसान पहुँचा सकता है। इसलिए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को ये सुझाव दिए हैं:
पाला पड़ने से पहले हल्की सिंचाई करें, ताकि मिट्टी की नमी गर्मी बनाए रखे।
शाम के समय सूखी घास या गोबर से धुआं करें, इससे फसलें ठंड से बचेंगी।
नर्सरी और छोटी पौध को पॉलीथिन शीट, बोरी या कपड़े से ढकें।
अब मैदानों में लगेगी धुंध
मौसम विभागाध्यक्ष के अनुसार:
“आज से पहाड़ों की ठंड मैदानों में उतरने लगेगी। दिसंबर के पहले सप्ताह से कई क्षेत्रों में घनी धुंध देखने को मिल सकती है।”
इस दौरान सुबह और रात का तापमान और भी नीचे जाने की संभावना जताई गई है।
आने वाले दिनों में मौसम का अनुमान
| तारीख | अनुमान |
|---|---|
| 1-3 दिसंबर | न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट, शीतलहर की शुरुआत |
| 4-7 दिसंबर | सुबह-शाम घना कोहरा, दृश्यता 100–200 मीटर तक सीमित |
| अगले 10 दिन | लगातार ठंडी हवाएँ और कड़ाके की सर्दी |
हरियाणा में सर्दी अब तेजी पकड़ रही है और आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों और कृषि विभाग ने लोगों और किसानों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी है।











