हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ नूंह एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। ACB टीम ने रेवाड़ी के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) सौरव उपाध्याय को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर ठेकेदारों के बिल पास करने के बदले 10 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप है।
ACB की यह कार्रवाई ठेकेदारों की शिकायत के बाद की गई, जिसमें BDPO द्वारा लंबे समय से भुगतान रोके जाने की बात सामने आई थी।
बिल पास करने के बदले 10 प्रतिशत रिश्वत की मांग
मिली जानकारी के अनुसार, पंचायती कार्यों के ठेके लेने वाले ठेकेदारों को क्रैशर सामग्री की सप्लाई करने वाले ब्लॉक समिति चेयरमैन ममता यादव के पति रविंद्र जाडरा ने ACB नूंह को शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि BDPO सौरव उपाध्याय ने ठेकेदारों के करीब 50 लाख रुपये के बिल जानबूझकर रोके हुए हैं।
आरोप है कि BDPO इन बिलों को पास करने के बदले 10 प्रतिशत कमीशन यानी करीब 5 लाख रुपये की मांग कर रहा था। समय पर भुगतान न मिलने के कारण ठेकेदारों का पैसा भी अटका हुआ था, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा था।
ACB की प्लानिंग, सरेआम रिश्वत लेते दबोचा
शिकायत के बाद ACB नूंह की टीम ने पूरी योजना के तहत कार्रवाई की। रविंद्र जाडरा ने खुद BDPO से मिलकर बिल पास कराने का आग्रह किया, लेकिन आरोपी अधिकारी ने रिश्वत दिए बिना बिल पास करने से साफ इनकार कर दिया।
इसके बाद ACB टीम ने रविंद्र को 35 हजार रुपये के पाउडर लगे नोट देकर BDPO के पास भेजा। जैसे ही रविंद्र ने तय रकम BDPO को सौंपी, ACB टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को मौके पर ही रंगे हाथ काबू कर लिया।
आरोपी के खिलाफ केस दर्ज, जांच जारी
नूंह ACB इंस्पेक्टर जाकिर हुसैन के नेतृत्व में टीम ने आरोपी BDPO को गिरफ्तार कर सती कॉलोनी स्थित ACB कार्यालय ले जाकर पूछताछ शुरू की। आरोपी के खिलाफ एंटी करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
ACB अधिकारियों के मुताबिक मामले में आगे की जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इससे पहले भी आरोपी ने इस तरह की अवैध वसूली की थी या नहीं।











