हरियाणा सरकार ने सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act 2005) को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धारा 20(1) के तहत राज्य जन सूचना अधिकारियों (SPIO) पर लगाए गए दंड की शीघ्र वसूली सुनिश्चित की जाए। लंबे समय से लंबित जुर्मानों को लेकर सरकार अब सीधे कार्रवाई के मूड में है।
करीब 2000 अधिकारियों पर जुर्माना, सालों से नहीं जमा
समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने बताया कि करीब 1953 अधिकारी ऐसे हैं, जिन पर राज्य सूचना आयोग द्वारा जुर्माना लगाया गया, लेकिन उन्होंने अब तक राशि जमा नहीं कराई है। कई मामलों में यह जुर्माना करीब 10 साल से लंबित है। ऐसे में सरकार ने तय किया है कि यह दंड सीधे संबंधित SPIO से मासिक किस्तों में वसूला जाएगा।
RTI नियमों का सख्त पालन जरूरी
अनुराग रस्तोगी ने कहा कि शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए RTI अधिनियम के प्रावधानों का सख्ती से पालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने दोहराया कि RTI आवेदनों का समयबद्ध निपटारा और वैधानिक समय-सीमा का पालन सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि प्रशासन पर जन विश्वास मजबूत हो सके।
राज्य सूचना आयोग को देनी होगी मासिक रिपोर्ट
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जुर्माना वसूली की मासिक प्रगति रिपोर्ट राज्य सूचना आयोग को भेजी जाए। साथ ही, यदि किसी विभाग को वसूली प्रक्रिया में किसी तरह की सहायता की जरूरत हो, तो वे राज्य सूचना आयोग के रजिस्ट्रार से संपर्क कर सकते हैं।
किन विभागों के कितने अधिकारी डिफॉल्टर?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अधिकारियों पर 4,000 से 25,000 रुपये तक का जुर्माना बकाया है। विभागवार स्थिति इस प्रकार है—
| विभाग | बकाया अधिकारी |
|---|---|
| पंचायत विभाग | 600 |
| स्थानीय शहरी निकाय | 500 |
| शिक्षा विभाग | 200 |
| खाद्य एवं आपूर्ति | कई |
| वन विभाग | कई |
| HSVP / अर्बन एस्टेट | कई |
| राजस्व, सेवा, परिवहन | कई |
सूचना नहीं दी, जुर्माना भी नहीं चुकाया
हरियाणा में RTI के तहत कई मामलों में सूचना समय पर और सही ढंग से नहीं दी गई, ऊपर से अधिकारियों ने राज्य सूचना आयोग द्वारा लगाया गया जुर्माना भी जमा नहीं कराया। इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए सरकार अब सीधे वेतन से कटौती जैसे कदम उठाने की तैयारी में है।
सरकार का साफ संदेश
सरकार ने साफ कर दिया है कि RTI मामलों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जुर्माना न चुकाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है।













