हरियाणा की अफसरशाही में जल्द ही बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। प्रदेश सरकार विभागीय स्तर पर आईएएस अधिकारियों के तबादलों और अतिरिक्त प्रभार पर विचार कर रही है। इसी बीच मुख्य सचिव की कुर्सी को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
दरअसल, हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को हाल ही में मेजर हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद उनकी बाईपास सर्जरी की गई है। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उन्हें 6 से 12 सप्ताह तक बेड रेस्ट की जरूरत है। इस कारण सरकार को कुछ समय के लिए मुख्य सचिव का कार्यभार किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी को सौंपना पड़ सकता है।
बजट और निकाय चुनाव बनी बड़ी चुनौती
अनुराग रस्तोगी के पास मुख्य सचिव के साथ-साथ वित्त विभाग का भी अहम प्रभार है। प्रदेश सरकार इस समय बजट की तैयारियों में जुटी हुई है, जिसकी पूरी रूपरेखा अब तक अनुराग रस्तोगी ही तय करते रहे हैं। इसके अलावा राज्य में नगर निकाय चुनाव भी प्रस्तावित हैं, जिनकी प्रशासनिक तैयारियों में मुख्य सचिव की भूमिका बेहद अहम होती है।
ऐसे में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि मुख्य सचिव और वित्त विभाग की जिम्मेदारी फिलहाल किस अधिकारी को सौंपी जाए।
ये वरिष्ठ IAS अधिकारी रेस में
यदि सैनी सरकार यह निर्णय लेती है कि मुख्य सचिव का कार्यभार अस्थायी रूप से किसी अन्य अधिकारी को दिया जाए, तो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों में ये नाम सबसे आगे माने जा रहे हैं—
सुमिता मिश्रा, IAS
सुधीर राजपाल, IAS
अरुण गुप्ता, IAS
इनमें सुमिता मिश्रा की संभावना सबसे प्रबल बताई जा रही है, क्योंकि वे वर्तमान में मुख्य सचिव की लिंक ऑफिसर हैं। हाल ही में शुक्रवार को मुख्य सचिव की अनुपस्थिति में उन्होंने कई अहम बैठकों की अध्यक्षता भी की थी।
नीचे तक हो सकता है प्रशासनिक फेरबदल
सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव केवल मुख्य सचिव तक सीमित नहीं रहेगा। विभागाध्यक्ष (HOD) से लेकर उपायुक्त (DC) स्तर तक भी प्रशासनिक फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।
इसी कड़ी में ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. श्यामल मिश्रा की केंद्र में प्रतिनियुक्ति हो चुकी है। ऐसे में ऊर्जा विभाग को लेकर भी सरकार को जल्द निर्णय लेना होगा।
सरकार जल्द ले सकती है फैसला
कुल मिलाकर, बजट, निकाय चुनाव और प्रशासनिक निरंतरता को देखते हुए हरियाणा सरकार जल्द ही बड़ा फैसला ले सकती है। आने वाले दिनों में अफसरशाही में हलचल और तेज होने के आसार हैं।











