अतर सिंह भड़ाना हत्याकांडः फरीदाबाद में पूर्व विधायक का अंतिम संस्कार, बेसुध बहन को संभालती दिखी डीसी किरण भड़ाना

On: October 13, 2026 10:51 AM
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फरीदाबाद. राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना के पूर्व विधायक और भाजपा नेता अतर सिंह भड़ाना का सोमवार शाम करीब 5 बजे उनके पैतृक गांव पाली में अंतिम संस्कार किया गया. क्रशर विवाद में उनकी हत्या कर दी गई थी. इस दौरान बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और ग्रामीण मौजूद रहे. केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर भी अंतिम संस्कार में पहुंचे और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की. गौर रहे कि अतर सिंह भड़ाना हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति कि महिला डीसी किरण भड़ाना के पिता थे.

फरीदीबाद में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि अतर सिंह भड़ाना के निधन से उनके समाज के साथ-साथ पूरे गांव को बड़ी क्षति पहुंची है. उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा. उधर, पिता के निधन की खबर के बाद लाहौल स्पीति से सोमवार सुबह किरण भड़ाना फरीदाबाद के लिए रवाना हुई. उनका परिवार फरीदाबाद में ही रहता है. उनके पिता गुर्ज्जर समाज के नेता थे. पिता के निधन के बाद किरण भड़ाना गमगीन माहौल में अपनी बहन को संभालती नजर आई.

 किसने की पूर्व विधायक की हत्या

गौरतलब है कि रविवार शाम राजस्थान के भरतपुर जिले के भौंड़ा गांव स्थित क्रेशर प्लांट पर अतर सिंह भड़ाना पर हमला किया गया था. बताया गया कि इस दौरान 70 से 80 लोगों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किया, जिसमें अतर सिंह भड़ाना और उनके सहयोगी गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए. दोनों को पहले वैर अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया. अतर सिंह भड़ाना को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रात करीब 11:30 बजे उनकी मौत हो गई.

चार साल से चल रहा था विवाद

क्रेशर प्लांट को लेकर पिछले करीब चार साल से ग्रामीणों और संचालक पक्ष के बीच विवाद चल रहा था. ग्रामीणों ने चारागाह भूमि पर अतिक्रमण, अवैध खनन और रास्ते को लेकर आरोप लगाए थे. वहीं, अतर सिंह भड़ाना की पत्नी कमलेश ने आरोप लगाया था कि विवाद के संबंध में पुलिस और प्रशासन को लगातार सूचना देने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई.

बीजेपी नेता अतर सिंह भड़ाना की हत्या पर सुलगते सवाल

खनन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक असामाजिक तत्वों ने भड़ाना की खदान के मुख्य रास्ते को खोदकर दिसंबर 2024 में बंद कर दिया था. राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद खदान का रास्ता प्रशासन क्यों नहीं खुलवा पाया? हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जिला कलेक्टर ने कमेटी बनाई और कमेटी ने 30 जनवरी 2026 को चारागाह भूमि का वर्गीकरण बदलकर उसे सार्वजनिक रास्ता घोषित किया. रास्ते के बदले भड़ाना की पत्नी और खदान मालिक कमलेश ने ग्राम सीता में अपनी 5250 वर्ग मीटर निजी जमीन चारागाह के लिए दे दी. 4 मार्च को जिला कलेक्टर ने तहसीलदार वैर को आदेश की पालना के निर्देश दिए और बावजूद प्रशासन ने कार्रवाई नहीं कि और भड़ाना पर हमला कर दिया था. इंटेलिजेंस की रिपोर्ट में भी रास्ता विवाद को लेकर कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका थी.
फरीदाबाद में अतर सिंह भड़ाना के अंतिम संस्कार में मौजूद लोग.

उधर, घटना के बाद गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है. दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर हमला करने के आरोप लगाए गए हैं. पुलिस फायरिंग के आरोपों समेत पूरे मामले की जांच में जुटी है.

चार बच्चे हैं, बेटा करता है वकालत

अतर सिंह भड़ाना मूल रूप से फरीदाबाद के पाली गांव के रहने वाले थे. हालांकि, वह भरतपुर के बयाना से विधायक चुने गए थे. उनके चार बच्चे हैं. इसमें तीन बेटियां और एक बेटा है. दो बेटियां डॉक्टर, एक बेटी किरण भड़ाना आईएएस अफसर और बेटा सुप्रीम कोर्ट में वकील है.

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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