फरीदाबाद में संचालित ‘मैजिक एंड आर्ट यूनिवर्सिटी’ को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने फर्जी घोषित कर दिया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(UGC) ने देशभर के 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी करते हुए छात्रों और अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इस सूची में हरियाणा की मैजिक एंड आर्ट यूनिवर्सिटी का नाम भी शामिल है।
UGC ने स्पष्ट किया है कि ये संस्थान विश्वविद्यालय होने का दावा करते हैं, लेकिन इन्हें डिग्री प्रदान करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। आयोग ने छात्रों से अपील की है कि वे ऐसे संस्थानों में भूलकर भी प्रवेश न लें और एडमिशन से पहले UGC की आधिकारिक वेबसाइट पर मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों की सूची अवश्य जांच लें।
दिल्ली में सबसे ज्यादा फर्जी विश्वविद्यालय
UGC द्वारा जारी सूची के अनुसार, हरियाणा को तीन ओर से घेरने वाली दिल्ली में ही 12 फर्जी विश्वविद्यालय पाए गए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में 4, जबकि केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में 2-2 फर्जी विश्वविद्यालय सूचीबद्ध हैं। हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश में एक-एक फर्जी विश्वविद्यालय चिह्नित किया गया है।
विदेश में भी दाखिले पर रोक
इधर, यूनाइटेड किंगडम स्थित University College Birmingham ने हरियाणा और पंजाब के नए छात्रों के दाखिले पर अस्थायी रोक लगा दी है। संस्थान ने इसके पीछे यूके सरकार द्वारा वीजा और इमिग्रेशन नियमों में किए गए हालिया बदलावों को कारण बताया है।
साथ ही बांग्लादेश और पाकिस्तान के छात्रों पर भी कुछ पाठ्यक्रमों में प्रवेश को लेकर प्रतिबंध लगाया गया है। जानकारी के अनुसार व्यवसाय प्रबंधन (Business Management) में स्नातक और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रबंधन (International Business Management) में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में पाकिस्तान के छात्रों को अयोग्य करार दिया गया है। अगले आदेश तक हरियाणा, पंजाब, बांग्लादेश और पाकिस्तान के छात्रों को यूनिवर्सिटी कॉलेज बर्मिंघम में नया दाखिला नहीं दिया जाएगा।
छात्रों के लिए अहम सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में फर्जी संस्थानों से बचने के लिए छात्रों को निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए:
UGC की आधिकारिक वेबसाइट पर विश्वविद्यालय की मान्यता की जांच करें।
AICTE/PCI/BCI जैसे नियामक निकायों की स्वीकृति की पुष्टि करें (यदि लागू हो)।
केवल आधिकारिक पोर्टल और मान्यता प्राप्त स्रोतों से ही जानकारी लें।
हरियाणा के छात्रों और अभिभावकों के लिए यह मामला एक चेतावनी है कि प्रवेश से पहले संस्थान की वैधता की पूरी जांच करें, ताकि भविष्य में डिग्री और करियर से जुड़ी परेशानियों से बचा जा सके।










