हरियाणा के राशनकार्ड धारकों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। इस बार प्रदेश में राशन डिपो पर बाजरे का वितरण नहीं किया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार, सरकारी एजेंसियों द्वारा बाजरे की खरीद न होने के कारण खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने यह बड़ा निर्णय लिया है। इससे लाखों लाभार्थियों के लिए इस साल वितरण व्यवस्था में बदलाव देखने को मिलेगा।
पिछले कई वर्षों से सर्दियों के मौसम में गेहूं के साथ बाजरा भी PDS के माध्यम से वितरित किया जाता रहा है। लेकिन इस बार मौसम की मार ने बाजरे की गुणवत्ता को प्रभावित कर दिया। सितंबर के अंत और अक्टूबर में हुई भारी बारिश से बाजरा बदरंग हो गया। जानकारी के मुताबिक, मंडियों से लिए गए बाजरे के नमूने जब सरकारी खरीद एजेंसियों—हैफेड और HWC—की लैब में भेजे गए तो वे गुणवत्ता परीक्षण में पास नहीं हो सके। परिणामस्वरूप, बाजरे की खरीद रद्द करनी पड़ी।
विभागीय जानकारी के अनुसार, इस बार केवल गेहूं का ही वितरण किया जाएगा। गुलाबी राशनकार्ड धारक प्रति माह 35 किलोग्राम गेहूं प्राप्त करेंगे, जबकि BPL राशनकार्ड धारकों को प्रति सदस्य 5 किलोग्राम गेहूं मिलेगा। दोनों प्रकार के कार्डधारकों को इसके साथ ही 1 किलोग्राम चीनी और 2 लीटर सरसों का तेल भी दिया जाएगा। पिछले वर्षों में इन कार्डधारकों को सर्दियों में गेहूं के साथ आधे से अधिक मात्रा में बाजरा भी दिया जाता था।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, नारनौल के वितरण शाखा इंचार्ज कुलदीप शर्मा के अनुसार, नवंबर माह के लिए 30 हजार क्विंटल से अधिक राशन की एलोकेशन जारी की गई है, लेकिन इसमें बाजरा शामिल नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार लाभार्थियों को केवल गेहूं ही उपलब्ध कराया जाएगा।











