Aadhaar Card: भारत की पहचान प्रणाली आधार में एक बड़ी सुविधा जोड़ी गई है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने शुक्रवार को एक नई डिजिटल सेवा की घोषणा की, जिसके तहत अब उपयोगकर्ता घर बैठे ही अपने आधार कार्ड में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को अपडेट कर सकेंगे। यह सुविधा नए Aadhaar ऐप के जरिए OTP वेरिफिकेशन और फेस ऑथेंटिकेशन से पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध होगी।
नई सर्विस कैसे काम करेगी?
मोबाइल नंबर अपडेट की यह प्रक्रिया बेहद सरल और पूरी तरह डिजिटल रखी गई है। इसमें न तो किसी दस्तावेज की जरूरत है और न ही किसी एनरोलमेंट सेंटर के चक्कर लगाने की। पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाएगी।
चरण-दर-चरण प्रक्रिया:
सबसे पहले यूजर्स को अपने स्मार्टफोन में “Aadhaar” ऐप डाउनलोड और इंस्टॉल करना होगा।
ऐप में लॉग इन करके ‘मोबाइल नंबर अपडेट’ के विकल्प का चयन करना होगा।
यहाँ अपना आधार नंबर और नया मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा।
एक OTP (वन टाइम पासवर्ड) वेरिफिकेशन किया जाएगा, जो या तो पुराने रजिस्टर्ड नंबर या नए नंबर पर भेजा जा सकता है।
इसके बाद, अपने स्मार्टफोन के कैमरे से फेस ऑथेंटिकेशन (Face Authentication) पूरा करना होगा।
प्रक्रिया पूरी करने के लिए ₹50 का शुल्क ऑनलाइन भरना होगा। (ध्यान दें: बायोमेट्रिक विवरण अपडेट करने के साथ यह सेवा निःशुल्क है)।
अपडेट का स्टेटस चेक करने के लिए एक URN (अनुरोध संख्या) मिलेगी, जिसे UIDAI की वेबसाइट पर ट्रैक किया जा सकता है। अपडेटेशन प्रक्रिया पूरी होने में लगभग 2 से 4 सप्ताह का समय लग सकता है।
मोबाइल नंबर अपडेट करना क्यों है जरूरी?
आधार कार्ड देश की सबसे बड़ी पहचान सेवा है, जिससे 130 करोड़ से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। इसमें मोबाइल नंबर सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि इसी के जरिए OTP प्राप्त कर बैंक खातों, सरकारी सब्सिडी, आयकर सत्यापन और डिजीलॉकर जैसी अन्य डिजिटल सेवाओं तक पहुंच बनाई जाती है। यदि नंबर बदल जाए या उपलब्ध न हो तो इन सभी सेवाओं का लाभ लेने में दिक्कत हो सकती है।
नए Aadhaar Card ऐप के प्रमुख फीचर्स
UIDAI ने पिछले महीने ही यह नया ऐप लॉन्च किया था, जो पुराने mAadhaar ऐप से कहीं अधिक सुरक्षित और उन्नत है:
एक फोन में पारिवारिक प्रबंधन: एक ही स्मार्टफोन में 5 सदस्यों के आधार रखे जा सकते हैं।
सिलेक्टिव शेयरिंग: यूजर केवल वही जानकारी साझा कर सकते हैं जो जरूरी है, पूरा आधार विवरण नहीं।
फेस ऑथेंटिकेशन: ऐप को खोलने और डिटेल्स शेयर करने के लिए फेस स्कैन का इस्तेमाल होता है, जिससे सुरक्षा बढ़ती है।
ऑफलाइन यूज: इंटरनेट न होने पर भी आधार का विवरण देखा जा सकता है।
यह नई सुविधा विशेष रूप से दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी, जिन्हें अब तक इसके लिए लंबी दूरी तय करके एनरोलमेंट सेंटर जाना पड़ता था।













