हरियाणा में उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य सरकार अब नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘लैंड ऑन लीज’ नीति लागू करने जा रही है, जिसके तहत लंबे समय के लिए औद्योगिक प्लॉट लीज पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस कदम से खासतौर पर उन निवेशकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो महंगी जमीन के कारण अपने उद्योग स्थापित नहीं कर पा रहे थे।
प्रदेश के करीब एक दर्जन जिले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आते हैं, जहां जमीन की कीमतें बेहद ऊंची हैं। यही वजह रही कि कई छोटे और मध्यम उद्यमियों के लिए नए उद्योग शुरू करना चुनौती बना हुआ था। अब सरकार इस समस्या का समाधान करते हुए उन्हें कम लागत में औद्योगिक प्लॉट उपलब्ध कराने की तैयारी में है, जिससे निवेश को नई गति मिलने की संभावना है।
इस नई नीति के तहत उद्यमियों को लंबे समय के लिए लीज पर प्लॉट दिए जाएंगे। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर इन प्लॉट्स को फ्री-होल्ड में बदलने की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे निवेशकों को दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता मिल सके। यह नीति आने वाले वित्तीय वर्ष 2026-27 में लागू होने की संभावना है और इसे राज्य के औद्योगिक विकास के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है।
नीति को अंतिम रूप देने का काम Haryana State Industrial and Infrastructure Development Corporation के जरिए किया जा रहा है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार की देखरेख में इस योजना को तैयार किया जा रहा है, ताकि इसे जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2026-27 के बजट में इस नीति की घोषणा की थी। बजट पूर्व बैठकों में उद्यमियों ने महंगी जमीन को सबसे बड़ी बाधा बताया था, जिसके बाद सरकार ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह के प्रस्ताव के तहत औद्योगिक क्षेत्रों में प्लग एंड प्ले सुविधाओं के साथ फैक्ट्रियां और शेड भी विकसित किए जाएंगे, जिससे उद्योग शुरू करना और आसान हो जाएगा।
सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रक्रियाओं को भी सरल बना रही है। अब निवेशकों को 45 कार्यदिवसों के भीतर डिजिटल प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा, जिससे उन्हें अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके लिए फरीदाबाद, गुरुग्राम, मानेसर और रेवाड़ी में संयुक्त औद्योगिक सचिवालय स्थापित किए जाएंगे, जहां सभी जरूरी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
कोविड के बाद आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे उद्योगपतियों को राहत देते हुए सरकार ने HSIIDC के 500 से अधिक प्लॉटधारकों के लिए निर्माण की समय सीमा भी बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी है। इससे उन निवेशकों को बड़ी राहत मिलेगी, जो समय पर निर्माण कार्य पूरा नहीं कर पाए थे।
इसके साथ ही सरकार कामकाजी महिलाओं के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में 10 आधुनिक ‘मातृ शक्ति औद्योगिक क्रेच नेटवर्क’ शुरू करने की योजना पर भी काम कर रही है, जिससे महिला कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
हरियाणा की भौगोलिक स्थिति और दिल्ली के नजदीक होने का फायदा उठाते हुए यह नई नीति राज्य को औद्योगिक निवेश का बड़ा केंद्र बना सकती है। आने वाले समय में इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।












