HTET Exam: हरियाणा में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) अब अप्रैल या मई में आयोजित होने की संभावना है। जनवरी में आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद परीक्षा तिथि निर्धारित न होने के कारण एग्जाम आयोजित नहीं हो पाया था। अब बोर्ड परीक्षाओं के चलते अप्रैल से पहले HTET होना मुश्किल माना जा रहा है।
बोर्ड के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस बार HTET के लिए प्रदेशभर से 2 लाख 33 हजार 251 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। इनमें लेवल-1 (PRT) के 41,054, लेवल-2 (TGT) के 1,19,120 और लेवल-3 (PGT) के 73,077 अभ्यर्थी शामिल हैं। आंकड़ों से साफ है कि सबसे अधिक आवेदन लेवल-2 के लिए आए हैं। जिला स्तर पर हिसार से सबसे ज्यादा आवेदन दर्ज किए गए हैं, जबकि नूंह जिले से सबसे कम आवेदन प्राप्त हुए हैं।
दरअसल, जनवरी में आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीद थी कि जनवरी या फरवरी में परीक्षा आयोजित कर ली जाएगी। लेकिन परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और समय की कमी के कारण तिथि तय नहीं हो सकी। अब चूंकि 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं प्राथमिकता पर हैं, इसलिए 1 अप्रैल तक HTET आयोजित नहीं की जा सकती।
इस पूरे मुद्दे पर बोर्ड अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) पवन कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि HTET जैसी परीक्षा के लिए विशेष प्रबंध करने होते हैं। बोर्ड के पास 15 फरवरी तक की समय सीमा थी। यदि उस दौरान उपयुक्त तिथियां मिल जातीं तो परीक्षा आयोजित की जा सकती थी। लेकिन सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी परीक्षाओं की तैयारियों के कारण यह संभव नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 1 अप्रैल तक संपन्न हो जाएंगी। उसके बाद जो भी तिथि प्रशासनिक रूप से उपलब्ध होगी, उसमें HTET परीक्षा आयोजित की जाएगी। उनका अनुमान है कि अप्रैल या मई में परीक्षा करवाई जा सकती है। उस समय स्कूलों में अवकाश की स्थिति भी रहती है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर नहीं पड़ेगा और परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता भी आसान होगी।
बोर्ड अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि HTET 2026 में देरी की कोई स्थिति नहीं है। यदि अप्रैल-मई में परीक्षा हो जाती है, तो वर्ष के अंत यानी अक्टूबर-नवंबर में दूसरी परीक्षा आयोजित की जा सकती है। गौरतलब है कि न्यायालय द्वारा हर वर्ष HTET आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, ऐसे में बोर्ड साल में कम से कम एक परीक्षा कराने के लिए बाध्य है।
एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा यह भी सामने आया है कि जेबीटी शिक्षकों के लिए HTET को अनिवार्य किए जाने के बाद आवेदन पोर्टल दोबारा खोला जाएगा या नहीं। इस पर बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि यदि इस संबंध में कोई औपचारिक प्रतिवेदन प्राप्त होता है या मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की ओर से निर्देश मिलते हैं, तो बोर्ड इस पर विचार करेगा। फिलहाल ऐसा कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
परीक्षा तिथियों में बार-बार बदलाव के पीछे मुख्य कारण समय का अभाव बताया गया है। यदि जनवरी में परीक्षा हो जाती, तो मार्च तक परिणाम भी घोषित किया जा सकता था। लेकिन बोर्ड परीक्षाओं की संवेदनशीलता और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को दी गई है। परिणाम जारी होने तक स्टाफ और संसाधनों को दूसरी बड़ी परीक्षा में व्यस्त नहीं किया जा सकता।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए परीक्षा का आयोजन बड़े स्तर पर किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे। पिछले वर्षों में पेपर लीक और परीक्षा प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बाद बोर्ड इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
HTET परीक्षा हरियाणा में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है। बिना HTET उत्तीर्ण किए सरकारी स्कूलों में शिक्षक पद के लिए पात्रता प्राप्त नहीं होती। ऐसे में लाखों युवाओं की नजर अब बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी है। संभावना है कि मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल की शुरुआत में बोर्ड परीक्षा तिथि की औपचारिक अधिसूचना जारी कर सकता है।
फिलहाल अभ्यर्थियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी तैयारी जारी रखें और बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें। अप्रैल या मई में परीक्षा होने की स्थिति में तैयारी के लिए सीमित समय बचेगा, इसलिए अंतिम चरण की रणनीति अभी से बनाना जरूरी है।
हरियाणा में शिक्षक भर्ती की दिशा में HTET एक अहम कदम है और इस परीक्षा की तिथि तय होते ही प्रदेश की भर्ती प्रक्रियाओं को भी गति मिल सकती है। अब सबकी निगाहें बोर्ड के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं।













