देशभर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है और इस बार हरियाणा के तीन शहरों की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। रोहतक देश का सबसे अधिक प्रदूषित शहर बन गया है, जबकि चरखी दादरी दूसरे और जींद तीसरे स्थान पर दर्ज किए गए हैं।
पराली जलाने के नए केस बढ़े
राज्य में वीरवार को 35 नई एक्टिव फायर लोकेशन (AFL) दर्ज की गईं, जिससे कुल संख्या बढ़कर 206 हो गई है। निगरानी में लापरवाही पाए जाने पर सरकार ने 47 अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
कृषि एवं कल्याण विभाग के अनुसार –
जींद में 11 मामले
हिसार और सिरसा में 4-4
फतेहाबाद, रोहतक, करनाल, सोनीपत में 3-3
कैथल में 2
अंबाला और फरीदाबाद में 1-1 मामला दर्ज किया गया।
पिछले वर्षों से तुलना में कमी
विभाग के अनुसार, पराली जलाने के मामलों में पिछले वर्षों की तुलना में कमी दर्ज की गई है।
| वर्ष | पराली जलाने के मामले |
|---|---|
| 2020 | 2,988 |
| 2021 | 4,216 |
| 2022 | 2,576 |
| 2023 | 1,579 |
| 2024 | 888 (अब तक) |
यह गिरावट सकारात्मक मानी जा रही है, हालांकि विभाग का कहना है कि निगरानी और सख्त की जाएगी।
सरकार की सख्त कार्रवाई
सरकार ने नियमों के उल्लंघन पर सख्त कदम उठाए हैं –
किसानों पर 3.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया
58 किसानों पर एफआईआर दर्ज
47 किसानों की रेड एंट्री की गई
निगरानी में लापरवाही पर 47 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, जिनमें
पलवल: 24
कैथल: 19
करनाल: 1
सिरसा: 3 कर्मचारी शामिल हैं।
पिछले वर्ष भी विभाग ने सख्त कार्रवाई की थी। तब 35 कर्मचारियों को चार्जशीट, 28 को निलंबित और 582 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।
सरकार की अपील
राज्य सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे पराली जलाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाएं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन को सतर्क रहने और निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।











