हरियाणा में मौसम ने अचानक करवट बदली है और राज्य के कई इलाकों में शिमला से भी ज्यादा ठंड पड़ रही है। शनिवार को हिसार और महेंद्रगढ़ जिलों में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान पर्वतीय शहर शिमला का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री रहा, जो हरियाणा के इन जिलों से अधिक था।
पहाड़ों पर बर्फबारी से मैदानी इलाकों में बढ़ी ठंड
मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ा है। इसके चलते सुबह और रात के समय ठंडी हवाओं ने लोगों को कंपकंपा दिया है। पिछले तीन दिनों से राज्य में दिन और रात दोनों ही समय तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर-पश्चिमी हवाओं की रफ्तार बढ़ने से आने वाले दिनों में रात का तापमान और नीचे गिर सकता है।
आने वाले दिनों का मौसम पूर्वानुमान
हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि हरियाणा में मौसम 13 नवंबर तक शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हवाएं हल्की से मध्यम गति से चल सकती हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, हवा चलने की वजह से दिन का तापमान थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन रातें ठंडी रहेंगी। अगले कुछ दिनों में दिन का तापमान 26 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच और रात का तापमान 7 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। कुछ स्थानों पर हल्के बादल छाए रह सकते हैं।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
इस मौसमी बदलाव के मद्देनजर, डॉ. मदन खीचड़ ने किसानों को सलाह दी है कि वे जल्द से जल्द गेहूं की बुआई का काम पूरा कर लें। उन्होंने यह भी कहा कि सरसों की फसल में यदि किसी प्रकार की बीमारी के लक्षण दिखाई दें, तो किसानों को तुरंत अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करना चाहिए और उचित उपचार प्राप्त करना चाहिए। यह सावधानी फसल को नुकसान से बचाने में मददगार साबित होगी।











