हरियाणा पुलिस ने निजी वाहनों में पुलिस कैप या पुलिस स्टिकर लगाकर रौब जमाने वाले लोगों पर कार्रवाई के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) ओपी सिंह ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (SPs) और पुलिस आयुक्तों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि ऐसी हरकत करने वाले लोगों के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
क्यों लिया गया यह फैसला?
DGP ओपी सिंह के अनुसार, कई लोग अपनी निजी कार के डैशबोर्ड पर पुलिस कैप रखकर या गाड़ी पर पुलिस स्टिकर चिपकाकर खुद को पुलिस अधिकारी होने का भ्रम पैदा करते हैं। इससे निम्नलिखित समस्याएं उत्पन्न होती हैं:
ट्रैफिक चेकिंग प्रभावित होना: दूसरे पुलिसकर्मी ऐसे वाहनों को यह सोचकर नहीं रोकते कि उनमें कोई वरिष्ठ अधिकारी बैठा है, जिससे ट्रैफिक नियमों की जांच बाधित होती है।
अपराधियों द्वारा दुरुपयोग: कुछ अपराधी पुलिस की पहचान छुपाने या जांच से बचने के लिए भी इस तरकीब का इस्तेमाल करते हैं।
पुलिसकर्मियों के लिए भी कोई छूट नहीं
DGP के आदेश में साफ किया गया है कि यह नियम आम जनता के साथ-साथ पुलिस विभाग के अपने कर्मचारियों और अधिकारियों पर भी लागू होगा। यदि कोई पुलिसकर्मी या अधिकारी आम वर्दी के बिना निजी वाहन से यात्रा करते समय कार में पुलिस कैप रखे पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी उसी तरह की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जनता की शिकायत पर भी होगी कार्रवाई
आदेश में एक महत्वपूर्ण बात यह भी जोड़ी गई है कि यदि कोई नागरिक ऐसे किसी वाहन की फोटो या जानकारी पुलिस को देता है, तो उसकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, यदि संबंधित क्षेत्र का ट्रैफिक इंचार्ज ऐसे मामले में लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा पुलिस का यह कदम आम नागरिकों के बीच कानून के शासन के प्रति विश्वास बढ़ाने और पुलिस यूनिफॉर्म की गरिमा को बनाए रखने की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है। इससे कानून का दुरुपयोग करने वाले तत्वों पर अंकुश लगने की उम्मीद है।











