Haryana News: हरियाणा में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी बीच राज्य सरकार ने नई शिक्षा व्यवस्था को लागू करने के लिए बड़ा बदलाव करते हुए पहली कक्षा में प्रवेश की न्यूनतम आयु 6 वर्ष निर्धारित कर दी है।
राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा संशोधन नियम-2026 को अधिसूचित कर दिया है। इसके तहत हरियाणा विद्यालय शिक्षा नियम-2003 में बदलाव किया गया है। पहले इन नियमों में 5 वर्ष के बच्चों को पहली कक्षा में दाखिले की अनुमति थी, जिसे अब बढ़ाकर 6 वर्ष कर दिया गया है।
30 सितंबर तक आयु पूरी करने वालों को राहत
सरकार ने उन बच्चों को भी राहत दी है, जो 30 सितंबर तक 6 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे। ऐसे बच्चों को भी पहली कक्षा में प्रवेश दिया जा सकेगा। यह प्रावधान हरियाणा निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार अधिनियम-2011 के नियम 10 के तहत लागू होगा।
नियमों के अनुसार, प्रवेश की 6 माह की विस्तारित अवधि में जैसे ही बच्चा 6 वर्ष का होगा, उसी दिन से वह दाखिले के लिए पात्र माना जाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप बदलाव
यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप लिया गया है, जिसमें पहली कक्षा में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष तय की गई है। हरियाणा में इस नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला और खंड स्तर के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, 6 माह की विस्तारित अवधि में प्रवेश लेने वाले बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम पूरा कराने की जिम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रमुखों की होगी।













