हरियाणा में एक बार फिर गर्मी ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होते ही दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शुक्रवार को हरियाणा के औसत अधिकतम तापमान में गुरुवार के मुकाबले 1.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी रिकॉर्ड की गई। हालांकि तापमान अभी भी सामान्य से 4.7 डिग्री सेल्सियस नीचे बना हुआ है।
प्रदेश में सबसे अधिक तापमान Sirsa में दर्ज किया गया, जहां पारा 39.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं कई अन्य जिलों में भी तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगा है, जिससे लोगों को दोपहर के समय तेज गर्मी का अहसास होने लगा है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के तापमान में लगातार वृद्धि होगी। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके बाद तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, मध्य पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब व राजस्थान क्षेत्र के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण अभी सक्रिय है। इसके साथ ही पाकिस्तान से उत्तर-पश्चिम बांग्लादेश तक एक ट्रफ रेखा भी बनी हुई है। इसी सिस्टम का असर हरियाणा समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों के मौसम पर दिखाई दे रहा है।
मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि 10 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से हरियाणा में 11 मई से मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। विभाग ने 11 से 14 मई के बीच प्रदेश के अलग-अलग जिलों में गरज-चमक, बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।
हालांकि शनिवार के लिए मौसम विभाग की ओर से किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है। प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, जिसके चलते तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। दोपहर के समय गर्मी का असर अधिक रहने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण किसानों और आम लोगों की नजर अब अगले पश्चिमी विक्षोभ पर बनी हुई है, क्योंकि आने वाले दिनों में तेज हवाएं और गरज-चमक फिर से राहत दिला सकती हैं।













