चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से जिला स्तर पर विकास कार्यों को गति देने के लिए जिला योजना में बड़ा संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत कुल धनराशि का 60% अब सीधे मुख्य बुनियादी ढांचा क्षेत्रों पर खर्च किया जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बताया कि इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य जिला स्तर पर विकास कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता लाना है।
बुनियादी ढांचे पर जोर
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, 60% धनराशि निम्नलिखित मुख्य क्षेत्रों के लिए निर्धारित की गई है:
गलियां व नालियां
स्वास्थ्य सुविधाएं
जलापूर्ति व सिंचाई
ऊर्जा
पुल व सड़कें
पशुपालन व बागवानी
अन्य क्षेत्रों के लिए आवंटन
शेष राशि को अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए विभाजित किया गया है:
सामुदायिक बुनियादी ढांचा (10%): सामुदायिक केंद्र, चौपाल, पंचायत घर
शिक्षा (10%): स्कूल और कॉलेज
महिला एवं बाल विकास (10%): आंगनवाड़ी, क्रेच
खेल (10%)
पिछड़े क्षेत्रों को मिलेगी प्राथमिकता
संशोधित दिशा-निर्देशों में पिछड़े और अविकसित क्षेत्रों के विकास कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है। सरकार ने यह सुनिश्चित करने का भी प्रावधान किया है कि योजनाओं को तात्कालिकता और महत्व के क्रम में लागू किया जाए।
निजी एजेंसियों की सीधी भागीदारी पर रोक
एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत, जिला योजना के कार्यों में निजी एजेंसियों की प्रत्यक्ष भागीदारी पर रोक लगा दी गई है। अब सभी कार्य जिला आपदा प्रबंधन समितियों (DDMC) की देखरेख में संचालित होंगे, जिनमें निर्वाचित प्रतिनिधि और अधिकारी शामिल होते हैं।
इन संशोधनों के माध्यम से सरकार का लक्ष्य जिला स्तर पर विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि सही लोगों तक लाभ पहुंचे।










