फरीदाबाद: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को फरीदाबाद के सूरजकुंड में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (Northern Zonal Council) की 32वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में उत्तरी भारत के छह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के मुख्य एजेंडे में आंतरिक सुरक्षा और महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध अपराधों की त्वरित सुनवाई जैसे गंभीर मुद्दे शामिल थे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, बम स्क्वॉड ने ली तलाशी
बैठक से पहले सूरजकुंड परिसर में सुरक्षा के अत्यधिक कड़े इंतजाम किए गए थे। खोजी कुत्तों और बम डिटेक्शन स्क्वॉड की टीमों ने पूरे इलाके की छानबीन की। फरीदाबाद पुलिस ने बैठक स्थल के आसपास बड़ी संख्या में अपने जवान तैनात किए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके।
इन नेताओं ने लिया भाग
इस बैठक में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल थे:
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (जो परिषद के उपाध्यक्ष भी हैं)
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू
जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा
लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर कविंदर गुप्ता
आंतरिक सुरक्षा और फास्ट ट्रैक कोर्ट पर जोर
बैठक के दौरान क्षेत्र की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई। एक प्रमुख मुद्दा महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधोंका था। इन मामलों की त्वरित सुनवाई और निपटान के लिए फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (FTSC) स्थापित करने पर सहमति बनी। इसके अलावा, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली सुधार और शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
हिमाचल के सीएम ने उठाया जलवायु परिवर्तन का मुद्दा
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बैठक में जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों की ओर ध्यान आकर्षित कराया। उन्होंने कहा, “हर साल तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो रही है, जिसके कारण प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं।” उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उनकी गृहमंत्री अमित शाह से व्यक्तिगत बातचीत हुई है और एक समिति का गठन किया गया है जो आगे की रणनीति तय करेगी।
यह बैठक केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने और उत्तरी क्षेत्र की समस्याओं के समाधान खोजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।











