हरियाणा के अंबाला कैंट में एक युवती के साथ छेड़छाड़ और उसके परिवार के साथ मारपीट के मामले ने तब तेजी पकड़ी जब कैबिनेट मंत्री अनिल विज के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके सिर मुंडवाकर बाजार में सार्वजनिक परेड कराई। इस दौरान आरोपी कान पकड़कर माफी मांगते रहे और वादा किया कि भविष्य में किसी लड़की की तरफ नहीं देखेंगे।
क्या हुआ था पूरा मामला?
मामला बुधवार का है, जब अंबाला कैंट हाउसिंग बोर्ड की एक युवता कोचिंग सेंटर से घर लौट रही थी। रास्ते में दो युवकों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया और गाली-गलौज की। युवती ने घबराकर अपने माता-पिता को फोन किया। जब परिवार के लोग रामबाग ग्राउंड के पास पहुंचे, तो आरोपियों ने भी अपने साथियों को बुला लिया और पीड़ित परिवार के साथ मारपीट कर दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही सभी आरोपी फरार हो गए।
मंत्री अनिल विज ने लगाई थी जोरदार फटकार
पीड़ित परिवार ने दावा किया कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने ठोस कार्रवाई नहीं की। इसके बाद गुरुवार को परिवार सीधे मंत्री अनिल विज के पास पहुंचा। इस पर मंत्री ने गुस्सा जताते हुए तुरंत अंबाला कैंट थाना प्रभारी को तलब किया और उन्हें जोरदार फटकार लगाई।
मंत्री विज ने साफ कहा, “अगर लड़कियां अपने ही शहर में सुरक्षित नहीं हैं, तो यह पूरे सिस्टम की नाकामी है। लड़कियां शहर में आ-जा न सकें, ऐसा मैं अपने शहर में नहीं होने दूंगा। यह मेरे और तुम्हारे लिए मरने जैसा है।” उन्होंने तत्काल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के सख्त निर्देश दिए।
गिरफ्तारी के बाद बाजार में कराई शर्मिंदगी भरी परेड
मंत्री की फटकार के बाद पुलिस ने रातों-रात दबिश दी और मुख्य आरोपी मुकुल, लव, संदीप, शुभम और राहुल समेत पांचों को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी मुकुल एक हत्या के प्रयास के मामले में पहले से ही हिस्ट्रीशीटर है।
गिरफ्तारी के बाद, शुक्रवार को पुलिस ने आरोपियों के सिर मुंडवाकर उन्हें बाजार में पैदल परेड कराई और फिर उन्हें इसी हालत में कोर्ट ले जाया गया। इस दौरान आरोपियों ने कान पकड़कर जनता से माफी मांगी।
परिवार को मिली राहत
आरोपियों की इस सख्त कार्रवाई के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है। परिवार ने कहा कि मंत्री अनिल विज के हस्तक्षेप के बिना उन्हें न्याय मिलना मुश्किल था। इस घटना ने अंबाला के साथ-साथ पूरे हरियाणा में महिला सुरक्षा और पुलिस जवाबदेही पर एक गंभीर बहस छेड़ दी है।











