INDvsAGF Test:अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम ने मात्र तीन दिनों के भीतर चंडीगढ़ टेस्ट को फतह कर लिया। पहली पारी में कप्तान शुभमन गिल और केएल राहुल की शतकीय पारी के दम पर टीम ने 8 विकेट खोकर 564 रन बनाए और पारी को घोषित कर दिया था।
भारत की तरफ से डेब्यू कर रहे मानव सुथार की पहली पारी धारदार गेंदबाजी के आगे अफगानिस्तान मात्र 152 रनों पर सिमट गई। भारत के खिलाफ फॉलोऑन खेलने को मजबूर हुए अफानिस्तान की टीम दूसरी पारी में सिर्फ 112 रन पर ही सिमट गई। इसके साथ ही भारत ने अफगानिस्तान को 300 रनों से हराकर टेसेट इतिहास की सबसे बड़ी जीत दर्ज की।
भारत को मिली सबसे बड़ी जीत
भारत ने सोमवार यानी 8 जून को मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में अफागानिस्तान को एक पारी और 300 रनों से धूल चटाई। भारत ने ये जीत तीनों के भीतर हासिल की। यह टेस्ट क्रिकेट में भारत की सबसे बड़ी जीत है। 2018 में राजकोट में वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम ने पारी और 272 रन से जीत के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। 2018 में अफगानिस्तान ने बेंगलुरु में भारत के खिलाफ अपना पहला टेस्ट खेला था। उस मैच में अफगानिस्तान को हार झेलनी पड़ी थी,जो दो दिन के अंदर खत्म हो गया था।
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WTC टेबल में नहीं मिलेगा प्वाइंट
हालांकि, भारतीय टीम को टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत हासिल करने का फायदा नहीं मिलेगा। इस मैच में मिली जीत और हार का वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप टेबल पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। इसके पीछे वजह क्या है ज्यादातर लोग इसे जानते हैं। दरअसल, अफगानिस्तान के खिलाफ खेला गया टेस्ट मैच WTC चक्र में आता ही नहीं है। क्योंकि, टूर्नामेंट में रैंकिंग के आधार 9 टीमें हिस्सा लेती है। इस लिस्ट में अफगानिस्तान की टीम बाहर है।













