हरियाणा में वर्ष 2025 के अंतिम दिन यानी बुधवार को प्रशासनिक महकमे में बड़ा फेरबदल होना तय माना जा रहा है। राज्य के तीन वरिष्ठ आईपीएस और एक आईएएस अधिकारी 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इन रिटायरमेंट के साथ ही प्रदेश की शीर्ष अफसरशाही में बदलाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। ऐसे में नए साल 2026 के पहले या दूसरे दिन हरियाणा को नया पुलिस महानिदेशक (DGP) मिलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
UPSC में आज DGP पैनल पर अहम बैठक
हरियाणा में नए पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति के लिए तीन आईपीएस अधिकारियों का पैनल तय करने को लेकर बुधवार को नई दिल्ली स्थित यूपीएससी कार्यालय में सुबह 11 बजे अहम बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और गृह सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा के शामिल होने की संभावना है। बैठक के बाद यूपीएससी द्वारा राज्य सरकार को तीन नामों का पैनल भेजा जाएगा।
कार्यवाहक DGP ओपी सिंह आज हो रहे हैं रिटायर
हरियाणा के वर्तमान कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (DGP) ओपी सिंह, जो कि 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, बुधवार को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। नियमित डीजीपी शत्रुजीत कपूर के अवकाश पर जाने के बाद पहले उन्हें अतिरिक्त और फिर कार्यवाहक डीजीपी का जिम्मा सौंपा गया था। हालांकि उनका कार्यकाल छोटा रहा, लेकिन इसे प्रशासनिक रूप से प्रभावशाली माना जा रहा है।
DGP पद के लिए UPSC को भेजा गया 5 अफसरों का पैनल
हरियाणा सरकार की ओर से डीजीपी पद के लिए पांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का पैनल यूपीएससी को भेजा गया है। इनमें शामिल नाम इस प्रकार हैं—
| आईपीएस अधिकारी | बैच |
|---|---|
| शत्रुजीत कपूर | 1990 |
| एस.के. जैन | 1991 |
| अजय सिंघल | 1992 |
| आलोक कुमार मित्तल | 1993 |
| अरशिंद्र सिंह चावला | 1993 |
यूपीएससी इनमें से तीन नाम शॉर्टलिस्ट कर राज्य सरकार को भेजेगी, जिनमें से किसी एक अधिकारी को हरियाणा का नया डीजीपी नियुक्त किया जाएगा।
किसे मिल सकती है DGP की जिम्मेदारी?
सूत्रों के मुताबिक, अजय सिंघल के डीजीपी बनने की सबसे अधिक संभावना मानी जा रही है। उनके बाद आलोक कुमार मित्तल को दूसरा सबसे मजबूत दावेदार बताया जा रहा है। तीसरे स्थान पर अरशिंद्र सिंह चावला का नाम चल रहा है, जबकि एस.के. जैन इस दौड़ में फिलहाल कुछ पीछे बताए जा रहे हैं।
शत्रुजीत कपूर से जुड़ा मामला भी चर्चा में
आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार आत्महत्या मामले में शत्रुजीत कपूर का नाम सामने आने के बाद यूपीएससी ने सरकार से एफआईआर की डिटेल और वेतनमान से जुड़ी जानकारी मांगी है। शत्रुजीत कपूर डीजीपी रहते हुए वेतनमान के 17वें स्तर पर थे। वहीं, यूपीएससी ने एस.के. जैन का पूरा सर्विस रिकॉर्ड भी तलब किया है।
हालांकि अभी तक इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है, इसलिए केवल एफआईआर के आधार पर शत्रुजीत कपूर के पैनल में शामिल होने में कोई कानूनी बाधा नहीं मानी जा रही।
जिलों में SP स्तर पर भी हो सकते हैं तबादले
नए डीजीपी की नियुक्ति के बाद हरियाणा में कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) के तबादले भी संभव हैं। ऐसे में नया साल हरियाणा पुलिस और प्रशासन के लिए बड़े बदलाव लेकर आ सकता है।











