Mohali-Kurali Bypass: पंजाब के मोहाली और आसपास के इलाकों में यातायात की समस्या से राहत देने वाली बड़ी खबर सामने आई है। लंबे इंतजार और कई बार डेडलाइन बढ़ने के बाद आखिरकार मोहाली-कुराली बाइपास अब 1 दिसंबर, 2025 से आम यातायात के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। यह बाइपास मोहाली में एयरपोर्ट रोड पर बढ़ रहे ट्रैफिक के दबाव को कम करने में एक ‘गेम-चेंजर’ साबित होगा।
क्या है यह रूट और किसे मिलेगा फायदा?
यह 31 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड रूट मोहाली के आईटी चौक से शुरू होकर कुराली तक जाएगा। इसके खुलने से सिसवां-बद्दी मार्ग पर जाने वाले वाहनों को सीधा और बेहतर वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा।
सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह बाइपास पांच राज्यों के बीच यातायात को सुगम बनाएगा:
पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाले वाहनों को सीधा रास्ता मिलेगा।
हरियाणा और दिल्ली से आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी आसान होगी।
1400 करोड़ की लागत से तैयार हुआ Mohali-Kurali Bypass
यह परियोजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना के तहत बनाई गई है, जिस पर करीब 1,400 करोड़ रुपये की लागत आई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों ने बताया कि कुराली के पास हाई टेंशन बिजली लाइनों के कारण आई रुकावट को दूर कर लिया गया है। फिलहाल, रोड मार्किंग और कुछ अंतिम सुरक्षा संबंधी कार्य चल रहे हैं, जिन्हें जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
29 और 30 नवंबर को होगा ट्रायल रन
इस महत्वपूर्ण मार्ग को लॉन्च करने से पहले 29 और 30 नवंबर को इसका ट्रायल रन किया जाएगा। इस दौरान सिस्टम की अंतिम जांच की जाएगी। ट्रायल सफल रहने के बाद 1 दिसंबर से इसे पूरी क्षमता के साथ यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। Mohali-Kurali Bypass
यातायात में आएगी राहत, औद्योगिक विकास को मिलेगी गति
यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि इस बाइपास के खुलने से न सिर्फ मोहाली और चंडीगढ़ का ट्रैफिक हल्का होगा, बल्कि यह बद्दी, न्यू चंडीगढ़ और मोहाली जैसे औद्योगिक और आवासीय हब्स के बीच की कनेक्टिविटी को तेज और सुरक्षित बनाएगा। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। Mohali-Kurali Bypass











