चंडीगढ़ में हरियाणा की नई विधानसभा नहीं बनेगी: केंद्र सरकार ने मांग खारिज की, पंजाब के विरोध के बाद बड़ा फैसला

On: December 1, 2025 8:43 AM
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हरियाणा

हरियाणा सरकार को केंद्र सरकार की ओर से बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने चंडीगढ़ में नई विधानसभा भवन बनाने की हरियाणा की मांग को खारिज कर दिया है। गृह मंत्रालय ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब इस मामले में चंडीगढ़ प्रशासन को आगे कोई भी कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।

यह फैसला तब आया है जब हाल ही में केंद्र ने चंडीगढ़ को स्वतंत्र केन्द्र शासित प्रदेश (UT) घोषित करने से जुड़े 131वें संशोधन बिल को वापस लिया था। इसे पंजाब के लिए बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।


कहां से शुरू हुआ विवाद?

यह विवाद जुलाई 2022 में उस समय शुरू हुआ था जब जयपुर में उत्तरी जोनल काउंसिल की बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हरियाणा को नई विधानसभा के लिए भूमि देने की घोषणा की थी।
इसके बाद:

जुलाई 2023 में चंडीगढ़ प्रशासन ने 10 एकड़ जमीन देने पर सहमति जताई

यह जमीन चंडीगढ़ IT पार्क के पास रेलवे लाइट प्वाइंट के नजदीक स्थित है

जमीन की अनुमानित कीमत 640 करोड़ रुपये आंकी गई थी


स्वैप डील फेल — हरियाणा का प्रस्ताव खारिज

हरियाणा ने बदले में पंचकूला में 12 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव रखा, लेकिन जनवरी 2024 में चंडीगढ़ प्रशासन ने इसे अस्वीकार्य बताते हुए खारिज कर दिया।
शहरी नियोजन विभाग की रिपोर्ट में इस जमीन को नीची, दलदली और नाले वाली बताया गया।


MHA की अंतिम टिप्पणी — “मामला आगे न बढ़ाया जाए”

लंबे समय से चर्चा के बाद गृह मंत्रालय ने हरियाणा को आधिकारिक रूप से सूचित किया है कि यह प्रस्ताव अब आगे नहीं बढ़ेगा।

वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार:

“हरियाणा को रोक तो नहीं सकते, लेकिन मंत्रालय इस प्रस्ताव को आगे नहीं ले जाएगा।”


पंजाब का तीखा विरोध — “चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है”

जैसे-जैसे प्रस्ताव आगे बढ़ा, पंजाब ने इसका पुरजोर विरोध किया।

पंजाब मंत्री गुरलाल घनौर ने कहा:

“हरियाणा यहां सिर्फ भवन का उपयोग कर रहा है। नई विधानसभा बनाने की अनुमति पंजाब कभी नहीं देगा।”

पंजाब ने तर्क दिया:

चंडीगढ़ पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के अधीन संवेदनशील मुद्दा है

चंडीगढ़ UNESCO विश्व धरोहर स्थल है

बड़े निर्माण पर सख्त रोक

अलग विधानसभा के राजनीतिक और संवैधानिक प्रभाव पड़ेगे


फिलहाल दोनों राज्य साझा विधानसभा का इस्तेमाल करते हैं

पंजाब और हरियाणा दोनों वर्तमान में ली कार्बुजिए द्वारा डिज़ाइन किए गए संयुक्त विधान भवन का उपयोग करते हैं, जो 2016 से UNESCO World Heritage Site के तहत संरक्षित है।


पूरे मामले की टाइमलाइन

वर्ष / महीनाघटना
जुलाई 2022अमित शाह ने चंडीगढ़ में हरियाणा के विधानसभा भवन की घोषणा
जुलाई 202310 एकड़ जमीन देने पर सिद्धांततः सहमति
नवंबर 2023जमीन निरीक्षण में हरियाणा का प्रस्ताव अस्वीकार्य बताया गया
जनवरी 2025स्वैप डील को औपचारिक रूप से खारिज किया गया
नवंबर 2025गृह मंत्रालय ने योजना को समाप्त करने का निर्देश दिया

गृह मंत्रालय के इस फैसले के बाद चंडीगढ़ में नई विधानसभा बनाने का हरियाणा का सपना फिलहाल खत्म हो गया है। यह फैसला राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर उस समय जब पंजाब और हरियाणा दोनों ही चंडीगढ़ पर दावे की राजनीतिक जंग लंबे समय से लड़ रहे हैं।

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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