उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVNL) ने अपने कर्मचारियों और अधिकारियों की मुख्यालय यात्राओं पर पाबंदी लगाते हुए एक नया आदेश जारी किया है। इसके तहत अब कोई भी कर्मचारी या अधिकारी बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं आ सकेगा। इस कदम का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में होने वाले अनावश्यक व्यवधान को कम करना और कार्य प्रणाली में दक्षता लाना बताया जा रहा है।
क्या कहता है आधिकारिक आदेश?
निगम द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं:
पूर्व अनुमति अनिवार्य: क्षेत्रीय कार्यालयों, उप-मंडलों, मंडलों और जोनों में तैनात किसी भी कर्मचारी या अधिकारी के लिए मुख्यालय आना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा, जब तक कि उनके पास उचित अधिकारी से पूर्व अनुमति न हो।
डिजिटल संपर्क को प्राथमिकता: आदेश में कहा गया है कि यदि किसी कर्मचारी को मुख्यालय स्तर के अधिकारियों से संपर्क करना है या किसी मामले पर चर्चा करनी है, तो उसे व्यक्तिगत रूप से आने के बजाय टेलीफोन या ई-मेल जैसे डिजिटल माध्यमों का उपयोग करना होगा।
कार्यवाही का प्रावधान: आदेश में यह चेतावनी भी दी गई है कि इन निर्देशों का पालन न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश का उद्देश्य क्या है?
इस नई गाइडलाइन के पीछे निगम का मुख्य उद्देश्य है:
कार्यालयीन भीड़ और व्यवधान में कमी लाना।
डिजिटल कम्युनिकेशन को बढ़ावा देना, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो।
कर्मचारियों को अपने ड्यूटी स्थल पर ही रहकर काम करने के लिए प्रेरित करना, जिससे ** fieldwork और ग्राहक सेवा** पर ध्यान केंद्रित रहे।
प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अधिक पारदर्शिता और अनुशासन स्थापित करना।
सभी विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि उनके अधीनस्थ कर्मचारी इन नियमों का सख्ती से पालन करें।











