New Rail Line: जयपुर-दिल्ली रेल मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के उद्देश्य से रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। रेवाड़ी से जयपुर वाया नीमराना नई रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी मिल गई है। इस नई लाइन के बनने से यात्रियों को यात्रा के लिए एक वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे मौजूदा रूट पर भीड़ कम होगी और सफर अधिक सुगम हो सकेगा।
साथ ही शाहपुरा, कोटपूतली और बहरोड़ जैसे कस्बों को भी रेल नेटवर्क से जोड़ने की संभावना बढ़ गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित 191 किलोमीटर लंबे इस रेल ट्रैक के सर्वे पर करीब 5.73 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। रेलवे बोर्ड ने उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। New Rail Line
सर्वे पूरा होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर बोर्ड को भेजी जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य को अंतिम मंजूरी मिल सकेगी। अधिकारियों के अनुसार, हालांकि पूरी प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है, लेकिन सर्वे का काम जल्द शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल यात्री सुविधाएं बेहतर होंगी बल्कि माल परिवहन भी तेज और सुगम हो जाएगा।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह नई रेल लाइन जयपुर और दिल्ली के बीच एक वैकल्पिक कॉरिडोर के रूप में विकसित होगी। वर्तमान में अलवर-रेवाड़ी रूट पर ट्रेनों का भारी दबाव रहता है, जिससे देरी और भीड़ की समस्या बनी रहती है। नए रूट के शुरू होने से इस दबाव में कमी आएगी और ट्रेन संचालन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा। खास बात यह है कि प्रस्तावित लाइन नीमराना से होकर गुजरेगी, जो दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यहां बड़ी संख्या में देशी और विदेशी कंपनियां स्थापित हैं, जिन्हें इस रेल कनेक्टिविटी से सीधा लाभ मिलेगा। इससे उद्योगों को सस्ती और तेज लॉजिस्टिक्स सुविधा मिलेगी, जिससे उत्पादन और निर्यात दोनों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।New Rail Line











