चंडीगढ़: हरियाणा जेल विभाग ने कैदियों के पुनर्वास और उन्हें रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRM) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत जेलों में व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कैदियों को एचकेआरएन पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा, ताकि जेल से रिहाई के बाद उन्हें रोजगार के अवसर मिल सकें।
5 जेलों में शुरू होंगे आईटीआई कोर्स
जेल विभाग के महानिदेशक आईपीएस आलोक राय ने बताया कि राज्य की पांच जेलों – गुरुग्राम, अंबाला, करनाल, पानीपत और फरीदाबाद में व्यावसायिक प्रशिक्षण के साथ-साथ आईटीआई पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं। इन जेलों में कक्षाओं के लिए आवश्यक सभी उपकरण उपलब्ध करा दिए गए हैं। इन पाठ्यक्रमों का औपचारिक शुभारंभ 6 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश द्वारा गुरुग्राम जेल में किया जाएगा।
हर साल 50 हजार लोग आते हैं जेल
महानिदेशक आलोक राय ने बताया कि हरियाणा की जेलों में हर साल लगभग 50 हजार लोग प्रवेश करते हैं और लगभग इतने ही बाहर जाते हैं। विभाग का लक्ष्य है कि जेल में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को किसी न किसी प्रकार का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वह रिहा होने के बाद आत्मनिर्भर बन सके। विभाग यह भी निगरानी करेगा कि जेल से छूटने के बाद कितने लोगों ने स्वरोजगार शुरू किया या नौकरी प्राप्त की।
जेल उत्पादों को मिल रही है पहचान
इस पहल का एक और सकारात्मक पहलू यह है कि कैदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों को बाजार में पहचान मिल रही है। सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में जेल उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई थी, जहां लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य का सामान बिका। अब गीता जयंती महोत्सव सहित अन्य आयोजनों में भी जेल विभाग को निःशुल्क स्टॉल मिल रहे हैं।
यह समझौता कैदियों के सफल पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।











