फरीदाबाद: सड़क पर चलते समय हादसा कब हो जाए, किसी को पता नहीं होता. हादसे में कोई घायल हो जाए तो परिवार का पूरा ध्यान इलाज पर रहता है, लेकिन बाद में इलाज का खर्च और आर्थिक परेशानी सामने आ जाती है. ऐसे में सवाल उठता है कि घायल को मुआवजा कैसे मिलेगा और इसके लिए परिवार को क्या करना होगा. हादसे के बाद कौन-कौन से कागज संभालकर रखने चाहिए, क्या बिना हेलमेट हादसे में भी मुआवजा मिल सकता है और मौत होने पर परिवार को मुआवजा कैसे मिलता है?
सड़क हादसे में घायल को मुआवजा कैसे मिलता है, इस पर Local18 से बातचीत में फरीदाबाद सेक्टर 12 कोर्ट के वकील मोहन तिवारी बताते हैं कि इसके लिए एक प्राधिकरण है, जिसका नाम एमएसीटी है. इसमें जो भी व्यक्ति घायल होता है या उसकी मृत्यु हो जाती है, उसके परिवार वाले एमएसीटी में दावा प्रस्तुत करते हैं. वहां दावा प्रस्तुत करने के बाद देखा जाता है कि उसकी स्थिति क्या है, चोट कितनी है और उसकी गंभीर स्थिति क्या है. इसके आधार पर दावा प्रस्तुत होने के बाद मामला तय होता है. दुर्घटना की स्थिति और पॉलिसी के आधार पर एमएसीटी में मुआवजे का फैसला होता है.
कौन-कौन से दस्तावेजों की जरूरत
मुआवजे के लिए परिवार को क्या करना चाहिए, इस पर मोहन तिवारी बताते हैं कि मुआवजे के लिए सबसे पहले परिवार को एफआईआर दर्ज करवानी पड़ती है. एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस रिपोर्ट और मेडिकल रिपोर्ट तैयार होती है. इन सभी चीजों की जरूरत पड़ती है.
हादसे के बाद कौन-कौन से दस्तावेज संभालें. इस पर मोहन तिवारी बताते हैं कि जब भी इस तरह की कोई घटना होती है, एफआईआर जरूरी होती है. इसमें पुलिस की रिपोर्ट भी जरूरी होती है. इसमें मेडिकल रिपोर्ट भी जरूरी होती है. जिस व्यक्ति के साथ दुर्घटना हुई होती है, उसकी डिस्चार्ज समरी भी जरूरी होती है. ये महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं, जिन्हें क्लेम के लिए संभालकर रखना होता है.
जितनी देर, उतनी दिक्कत
मुआवजे का दावा कितने समय में करना चाहिए, इस पर मोहन तिवारी बताते हैं कि इसमें जितना आप लेट करेंगे, उतना ही नुकसान हो सकता है. इसे जल्द से जल्द कर देना चाहिए. जैसे ही घटना हो, तुरंत प्रक्रिया शुरू कर देनी चाहिए. जितनी देर करेंगे, उतनी दिक्कतें बढ़ सकती हैं.
बिना हेलमेट हादसे में क्या मुआवजा मिल सकता है, इस पर मोहन तिवारी बताते हैं कि हेलमेट लगाना बहुत जरूरी है और आपकी सेफ्टी के लिए बेहद जरूरी है. हेलमेट तो लगाना ही चाहिए. ऐसा नहीं है कि यदि किसी व्यक्ति ने हेलमेट नहीं लगा रखा है और उसके साथ कोई बड़ी दुर्घटना हो जाती है, तो उसे मुआवजा राशि नहीं मिलेगी. ऐसी स्थिति में भी मुआवजा मिल सकता है.
कैसे मिलेगा परिवार को मुआवजा?
हादसे में मौत होने पर परिवार को मुआवजा कैसे मिलेगा, इस पर मोहन तिवारी बताते हैं कि हादसे में यदि किसी की मौत हो जाती है, तो यह देखा जाता है कि उस पर आश्रित कौन-कौन हैं. मान लीजिए कोई इकलौता लड़का है और उसकी तीन या चार बहनें हैं, तो यह देखा जाएगा कि उसकी बूढ़ी मां और बूढ़े पिता हैं या नहीं. यह भी देखा जाएगा कि घर में कमाने वाला सिर्फ यही व्यक्ति था और इसके ऊपर कितने लोग निर्भर थे. कितने लोगों की यह जीविका चला रहा था, यह भी देखा जाता है. यदि लोगों को इन नियमों के बारे में पता हो, तो मुआवजा मिल सकता है. यह पूरी प्रक्रिया लोगों को पता होनी चाहिए.










