एक जैसा मकान फिर भी टैक्स अलग-अलग, क्या फरीदाबाद में बढ़ने जा रहा फ्लैट का किराया?

On: September 6, 2026 4:28 PM
Follow Us:

Last Updated:

Faridabad Property Tax : फरीदाबाद में प्रॉपर्टी टैक्स का नया हिसाब मकान मालिकों की जेब ज्यादा खाली कर सकता है. नए नियम के मुताबिक अब कलेक्टर रेट, प्लॉट एरिया और मंजिल के आधार पर टैक्स तय होगा. एक जैसे मकान होने के बावजूद अलग-अलग कॉलोनियों में टैक्स अलग हो सकता है. किराए पर दिए मकानों पर 0.25% अतिरिक्त चार्ज भी लगेगा. लोकल 18 से फरीदाबाद के एडवोकेट मनीष पाराशर बताते हैं कि सरकार ने एक फॉर्मूला तैयार किया है. वह प्रॉपर्टी की कैपिटल वैल्यू तय करेगी. इसमें कलेक्टर रेट, प्लॉट एरिया और फ्लोर फैक्टर को शामिल किया जाएगा.

फरीदाबाद. हरियाणा स्थित फरीदाबाद के लोगों की जेब पर प्रॉपर्टी टैक्स का बोझ बढ़ने वाला है. नए नियम के तहत अब प्रॉपर्टी टैक्स तय करने में कलेक्टर रेट की भी बड़ी भूमिका होगी. इसका मतलब यह है कि शहर की अलग-अलग कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को एक जैसे मकान होने के बावजूद अलग-अलग टैक्स देना पड़ सकता है. जिस इलाके का कलेक्टर रेट ज्यादा होगा, वहां रहने वाले लोगों की प्रॉपर्टी पर टैक्स भी ज्यादा हो सकता है. ऐसे में मकान मालिकों के लिए यह समझना जरूरी है कि आखिर नया टैक्स किस आधार पर तय होगा और इसका उनकी जेब पर कितना असर पड़ेगा. लोकल 18 से फरीदाबाद के एडवोकेट मनीष पाराशर बताते हैं कि कलेक्टर रेट के आधार पर प्रॉपर्टी टैक्स की गणना करने के लिए सरकार ने एक फॉर्मूला तैयार किया है. सरकार प्रॉपर्टी की कैपिटल वैल्यू तय करेगी. इसमें कलेक्टर रेट, प्लॉट एरिया और फ्लोर फैक्टर को शामिल किया जाएगा. इन सभी के मल्टीप्लीकेशन से जो वैल्यू सामने आएगी, उसे कैपिटल वैल्यू माना जाएगा और इसी के आधार पर टैक्सेबल अमाउंट तय किया जाएगा.

बढ़ता जाएगा फ्लोर फैक्टर

मनीष पाराशर बताते हैं कि फरीदाबाद में हर कॉलोनी और सेक्टर का कलेक्टर रेट अलग हो सकता है. कलेक्टर रेट अलग होने की वजह से प्रॉपर्टी टैक्स भी अलग-अलग हो सकता है. ऐसे में अगर दो अलग-अलग कॉलोनियों में एक ही आकार के मकान बने हुए हैं, लेकिन दोनों जगह का कलेक्टर रेट अलग है, तो दोनों मकानों का टैक्स भी एक जैसा नहीं रहेगा. जिस कॉलोनी का कलेक्टर रेट अधिक होगा, वहां टैक्स की रकम भी ज्यादा हो सकती है. मनीष पाराशर के मुताबिक नए कलेक्टर रेट के आधार पर ही टैक्स कैलकुलेट किया जाएगा. इसमें मकान की मंजिल का भी ध्यान रखा जाएगा. अगर किसी मकान में सिर्फ ग्राउंड फ्लोर बना हुआ है तो फ्लोर फैक्टर को वन माना जाएगा. इसके बाद जैसे-जैसे मकान में ऊपर की मंजिलें बढ़ती जाएंगी, फ्लोर फैक्टर भी बढ़ता जाएगा. इसका सीधा असर टैक्स की रकम पर पड़ेगा और मंजिल बढ़ने के साथ टैक्स का अमाउंट भी बढ़ सकता है.

नहीं थी सर्किल रेट की कोई भूमिका

मनीष पाराशर बताते हैं कि पुराने सिस्टम में प्रॉपर्टी टैक्स प्लॉट के एरिया के आधार पर तय किया जाता था. इसमें सर्किल रेट की कोई खास भूमिका नहीं थी. इसकी वजह से शहर की अलग-अलग कॉलोनियों में समान आकार की प्रॉपर्टी पर टैक्स लगभग एक जैसा रहता था. अब कलेक्टर रेट को आधार बनाए जाने के बाद हर कॉलोनी और सेक्टर के हिसाब से टैक्स में अंतर देखने को मिल सकता है. नए नियम का सीधा असर मकान मालिकों पर पड़ेगा. किराएदारों पर इसका सीधा असर ज्यादा नहीं पड़ेगा, लेकिन जिन लोगों ने अपना मकान किराए पर दिया हुआ है, उन्हें अतिरिक्त चार्ज देना पड़ सकता है. सरकार की ओर से किराए पर दिए गए मकान पर 0.25 प्रतिशत का अतिरिक्त चार्ज लिया जाएगा. ऐसे में फरीदाबाद में प्रॉपर्टी रखने वाले लोगों के लिए नए टैक्स सिस्टम को समझना काफी जरूरी हो गया है.

About the Author

authorimg

Priyanshu Gupta

प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…

और पढ़ें

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Follow Now